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लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण: मंदिर हटाने पर राजी न हुए महंत

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कछियानी खेड़ा मंदिर के अंदर महंत और पुलिस-प्रशासनिक अफसरों में होती वार्ता । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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तिलहर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के बीच आ रहे कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर को हटाए जाने को लेकर मंदिर के महंत अड़ गए हैं। बुधवार को प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों ने मंदिर के महंत और हिंदू संगठनों के साथ कोतवाली में करीब दो घंटे तक वार्ता की। प्रशासन ने प्रस्ताव रखा कि मंदिर की मूर्तियां पास में स्थित एक मंदिर में स्थापित करवा दी जाएंगी। लेकिन महंत राजी नहीं हुए। बाद में वार्ता में शामिल लोगों ने थाने के बाहर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में अधिकारी मंदिर परिसर पहुंचे। वहां भी सहमति नहीं बनी तो अधिकारी महंत को इस मुद्दे के हल के लिए सात दिन का समय देकर वापस आ गए।
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2018 में हाईवे निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था एरा कंपनी के अधिकारियों ने प्रशासन के साथ मिलकर मंदिर हटाने की कोशिश की थी। तब भी मूर्तियां हटाने का विरोध हुआ था। बाद में अन्य वजहों से एरा कंपनी ने आगे काम रोक दिया। अब आगरा की कंपनी राज कारपोरेशन लिमिटेड को सड़क निर्माण का ठेका दिया गया है। तो एक बार मंदिर हटाने को लेकर विरोध सामने आया है।
बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे एसडीएम वेद सिंह चौहान, पुलिस उपाधीक्षक परमानंद पांडे, प्रभारी निरीक्षक प्रवीन सोलंकी, एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर तुषार सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, आकाश दीक्षित और मंदिर के महंत बाबा राम लखन गिरी, बाबा रामनिवास गिरी, भाजपा के नेता देवेंद्र गुप्ता, भाजपा नगर अध्यक्ष राजीव राठौर, पूर्व अध्यक्ष संजय गुप्ता, सभासद सुनील गुप्ता, हितेश गुप्ता, राहुल देव सागर और हिंदू संगठनों के मनोज कश्यप, वीके प्रजापति आदि नेताओं के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। करीब दो घंटे तक चली वार्ता के दौरान कुछ नेता समीप बने नवनिर्मित मंदिर में मूर्तियों की स्थापना कराने को लेकर तैयार हो गए। लेकिन मंदिर के महंत बाबा राम लखन गिरी और महंत रामनिवास गिरी राजी नहीं हुए। इस पर हिंदू संगठन भी महंत के सुर में सुर मिलाते हुए बैठक से बाहर चले गए। सभी कोतवाली गेट पर आकर प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे।
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बेनतीजा बैठक समाप्त होने के बाद अधिकारी मंदिर परिसर पहुंचे। मंदिर का निरीक्षण करने के बाद एक बार फिर वार्ता की। यहां भी बात नहीं बनी। एसडीएम वेद सिंह चौहान ने मंदिर के महंत बाबा राम लखन गिरी से कहा कि वे लोगों से वार्ता कर लें। सात दिन की मोहलत दी जा रही है। 10 फरवरी तक वार्ता करके प्रशासन को अवगत कराएं। उसी के अनुसार प्रशासन अपनी रणनीति तैयार करेगा। इस दौरान हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष स्वप्निल शर्मा, गांव फिरोजपुर के पूर्व प्रधान बृजेश, गौरक्षा समिति के प्रियांशु तिवारी, संजीव कुमार, पूर्व प्रधान बृजेश शास्त्री आदि मौजूद रहे।
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