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11 सट्टा एजेंट गिरफ्तार, 16 लाख रुपये बरामद

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शाहजहांपुर में पुलिस की गिरफ्त में 11 सट्टा कारोबारी। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। साउथ सिटी कॉलोनी में छापा मारकर एसओजी ने कुख्यात सट्टा माफिया वेदव्यास उर्फ बेदी के 11 सट्टा एजेंटों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लगभग 16 लाख रुपये नकद, सट्टे का हिसाब-किताब रखने वाले लेजर, लैपटॉप, मोबाइल, चरस भी पुलिस ने बरामद किए हैं।
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पुलिस लाइन में पत्रकारों से वार्ता में एसपी एस आनंद ने बताया कि सट्टेबाज वेदव्यास उर्फ बेदी अपने एजेंटों के माध्यम से सट्टे की खाईबाड़ी और हिसाब-किताब करा रहा था। बुधवार को इसकी सूचना मिलने पर एसओजी प्रभारी रोहित कुमार की अगुवाई में टीम ने चौक कोतवाली क्षेत्र के साउथ सिटी कॉलोनी के एक मकान में छापा मारा। यहां पर 11 लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया। इनमें बेदी का खास सहयोगी राहत अली भी था। राहत अली ने बताया कि वे व्हाटस-अप के माध्यम से शहर में हुए सट्टे का हिसाब अपने एजेंट से लेकर रखता था। सट्टे के रुपये अपने पास मंगाकर यहां पर हिसाब करा रहा था। रात को हिसाब पूरा करके सारा ब्यौरा अपने व्हाटस-अप के माध्यम से माफिया वेदव्यास उर्फ बेदी को भेजता था। यह सारा धंधा बेदी के कहने से ही चल रहा था। राहत बेदी के पास रुपये भी पहुंचाता था। मौके से बरामद सभी लैपटॉप और तीन मोबाइल काम की देखरेख व हिसाब-किताब के लिए बेदी ने ही उपलब्ध कराए थे। मकान भी उसने अभी कुछ समय पहले किराये पर इसी काम के लिए लिया था। एसपी एस आनंद ने बताया कि पुलिस के इस सराहनीय कार्य पर एडीजी, बरेली जोन अविनाश चंद्र ने 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया है। सरगना बेदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी है। जल्द गिरफ्तार होगा। संभावना है कि वह पड़ोसी जनपद में रहकर सट्टे का कारोबार संचालित कर रहा है।
वेदव्यास उर्फ बेदी के खिलाफ पहले भी थाना कोतवाली चौक से गैगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जा चुकी है। उसकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित है।
कंपनी की तरह करते हैं काम
सट्टे का धंधा करने वाले करने वाले कंपनी के वर्कर की तरह काम करते हैं। नौ से तीस हजार रुपये तक का वेतन भी फिक्स है। कुछ लोग कमीशन पर भी काम करते हैं। सारा काम राहत देखता था जिसे तीस हजार रुपये महीना मिलते थे।
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चौक कोतवाली पुलिस को नहीं लगी भनक
जिस मकान में सट्टेबाज पकड़े गए हैं, वहां सितंबर से सट्टा एजेंट अपना धंधा कर रहे थे। इसके बावजूद चौक कोतवाली पुलिस को इसकी भनक नहीं लग सकी। बुधवार को एसओजी ने छापा मारकर धंधे का खुलासा किया। यह मकान कांट के रहने वाले एक शख्स का है जिसने इसे किराये पर दे रखा था। पहले ये सट्टा एजेंट आवास विकास कॉलोनी में काम कर रहे थे, वहां पर पुलिस के छापे के बाद इन्होंने सितंबर से साउथ सिटी कॉलोनी को अड्डा बना रखा था।
ये लोग पकड़े गए
राहत अली निवासी, सुभान निवासी बाडूजई प्रथम थाना सदर बाजार, अमित शर्मा निवासी बरेली मोड़ मौजमपुर, थाना चौक कोतवाली, राजीव कुमार निवासी हथौड़ा बुजुर्ग, थाना रोजा, राजीव सक्सेना निवासी तारीन बहादुर गंज थाना सदर बाजार, भरत कुमार निवासी मोहल्ला मोहन गंज, आशीष गुप्ता निवासी तारीन टिकली, कमलेश निवासी हथौड़ा बुजुर्ग, नरेन्द्र कुमार निवासी हथौड़ा बुजुर्ग, हैदर निवासी बाडूजई और राजीव शर्मा निवासी लोधीपुर।
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यह हुई बरामदगी
16,04,600 रुपये नकद, 6 लैपटॉप, 18 मोबाइल, 14 कैलकुलेटर, तीन हिसाब रजिस्टर, 10 हिसाब लेजर, 623 सट्टा हिसाब पर्ची, 154 ग्राम चरस, छह बाइक।
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