सवा तीन साल से शिक्षक बनने के लिए भटक रहे अभ्यर्थियाें में से छह अभ्यर्थियों ने अपना अभ्यर्थन शाहजहांपुर से निरस्त करा दिया है। इसके साथ ही उन लोगों ने अपने मूल प्रमाण पत्रों को भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर लिए हैं। वहीं बीएसए ने 2485 अभ्यर्थियों के सापेक्ष 1114 शिक्षकों की ज्वाइनिंग करने के बाद सूची को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में भेज दिया है।
शनिवार और रविवार को मैनपुरी, इटावा एवं अन्य जनपदों के चार अभ्यर्थियों ने अपने मूल प्रमाण-पत्र वापस लिए थे। इसके बाद मंगलवार को भी बुलंदशहर की रहने वाली विनीता चंदन और मेरठ की रहने वाली उमा भारती ने अपना अभ्यर्थन निरस्त कराते हुए मूल प्रमाण पत्रों की मांग बीएसए से की। इस पर बीएसए ने उन लोगों का अभ्यर्थन निरस्त कर मूल प्रमाण पत्र वापस कर दिए हैं। इन लोगों का अभ्यर्थन यहां से निरस्त कराने की वजह गृह जनपदों में चयन होना माना जा रहा है।
इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि अन्य जिलों के छह प्रशिक्षु शिक्षकों ने अपना अभ्यर्थन वापस ले लिया है। कहा कि प्रशिक्षु शिक्षकों की चयन सूची को डायट में भेज दिया गया है।