व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) की कोर कमेटी की मांग
बढ़ते अपराधों पर व्यापारियोें ने जताई गंभीर चिंता
प्रदेश में व्यापारियोें के साथ लूट और हत्या की बढ़ती घटनाओं पर उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) ने गहरी चिंता व्यक्त की है। मथुरा में सराफा व्यवसायी की हत्या और लूट का संदर्भ लेते हुए संगठन की कोर कमेटी की बैठक में वक्ताओं ने इन घटनाओं को योगी सरकार के लिए चुनौती बताया। साथ ही अपराधों पर कड़ाई से अंकुश लगाकर आय और बिक्रीकर चुकाने वाले व्यापारियों को सुरक्षा के लिए प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने कहा कि मथुरा की दुस्साहसिक घटना तो सिर्फ एक उदाहरण है। इन दिनों प्रदेश के लगभग सभी जिलों में अपराधों की बाढ़ आ गई है। नई सरकार से उम्मीद थी कि भयमुक्त माहौल मिलेगा, लेकिन व्यापारियों पर अराजक तत्व हावी हैं और पुलिस प्रशासन असहाय बना हुआ है। इन हालातों में जल्द सुधार नहीं होने पर सरकार की विश्वसनीयता खतरे में पड़ जाएगी।
नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने कहा कि सरकार गठन के बाद कुछ दिन हालात ठीक रहे, लेकिन अब लुटेरे भी पुलिस को चुनौती देने लगे हैं। इसे देखते हुए बाजारों में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। जिला महामंत्री नाजिम खां ने कहा कि अराजक तत्वों से भयभीत व्यापारियों को राहत देने के बजाय सरकार हर नए कानून में उन्हें ही जेल भेजने का प्रावधान लागू कर रही है, चाहे वह जीएसटी हो अथवा खाद्य सुरक्षा अधिनियम। नगर महामंत्री धर्मपाल रैना ने दूरसंचार विभाग की ध्वस्त होती सेवाओं में सुधार पर जोर दिया।
बैठक में तय किया गया कि इन मुद्दों को लेकर संगठन का शिष्टमंडल शुक्रवार को डीएम से मिलकर उन्हें ज्ञापन देगा। अंत में सभी ने मौन रखकर मथुरा के दिवंगत व्यापारियों को श्रद्धांजलि दी। बैठक में वेदप्रकाश गुप्ता, नीरज गुप्ता, शहबाज खां, लक्ष्मण प्रसाद, पुरुषोत्तम गुप्ता, हरिओम अग्रवाल, सुल्तान खां, महेंद्र गुप्ता, चंद्र प्रकाश गुलाटी, संजीव राठौर आदि मौजूद रहे।