पसीने से पस्त होकर स्कूलों से घर लौटे बच्चे
बुधवार को दोपहर हुई बूंदाबांदी और आसपास के जनपदों में ओेले गिरने से तापमान में कमी आने के साथ लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिल गई, लेकिन बृहस्पतिवार को सुबह सूरज निकलने के साथ धूप जैसे-जैसे तीखी हुई, लोगों का उमस से बुरा हाल होने लगा। हालांकि, मौसम में हुए बदलाव से तापमान में ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं हुई, लेकिन दोपहर को झुलसाने वाली गर्मी का बखूबी अहसास हुआ।
बेमौसम की बरसात से बीते दिन अधिकतम तापमान में पिछले 24 घंटे की तुलना में तापमान पांच डिग्री गिर गया था। आसपास के शहरों में ओले गिरने से हवा भी ठंडी हो गई। इस वजह से रात में लोगों ने न सिर्फ सुकून की नींद ली, आधी रात के बाद गुलाबी सर्दी का अहसास होने पर ओढ़ने के लिए चादरों का सहारा लेना पड़ा। सुबह सूर्योदय के बाद तक नमी का साथ मिलने से ठंडी बयार बहती रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ धूप फिर से चुभने लगी।
यही नहीं, वातावरण में बढ़ी आर्द्रता धूप में वाष्प बनकर हवा में घुली तो भीषण उमस से लोग परेशान हो उठे। सुबह के वक्त ठंडे मौसम में छात्र-छात्राएं स्कूलों में रोजाना की तरह हंसते-खिलखिलाते पहुंचे, लेकिन दोपहर को छुट्टी होने पर उमस और गर्मी ने उनके चेहरों की रौनक गायब कर दी। निचली कक्षाओं में पढ़ने वाले छोटे बच्चे रिक्शों पर सवार होने के बाद पानी की बोतल से हलक तर करते देखे गए।
गर्मी और उमस से सराबोर रहेगा शुक्रवार
बीते दिन की तुलना में दिन का तापमान केवल 0.5 डिग्री बढ़ा पाया गया, लेकिन बूंदाबांदी के कारण वातावरण में छाई नमी दिन में कड़ाके की धूप का साथ पाकर उमस में बदल गई। शुक्रवार को भी गर्मी के साथ उमस का असर बना रहने के संकेत हैं।
-डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद