उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू हितों की बात करने वाली सरकार अब धर्म और गोसंरक्षण के मुद्दों पर अपेक्षित कार्य नहीं कर रही है। उन्होंने लोगों से 2027 के विधानसभा चुनाव में गोमाता की रक्षा के मुद्दे को ध्यान में रखकर मतदान करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश में भाजपा के सत्ता में आने के बाद इतने मंदिर तोड़े गए, जितने मुगल काल में नहीं तोड़े गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे रुकने वाले स्थानों पर आयोजकों को धमकाया जा रहा। हम रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था फिर भी गोली मार दी। जैसा जनरल डायर ने किया था, वैसा ही बिहार पुलिस ने किया। इससे पहले प्रसाद भवन पर पहुंचने पर पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद ने पत्नी नीलिमा प्रसाद, बेटे जागृत प्रसाद समेत परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पूजन किया। इस बीच आरती भी की गई। वहीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य नीरज मिश्रा ने उबरिया मंदिर के पास 11 किलो की माला पहनाकर स्वागत किया।
ईदगाह कमेटी ने गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठाई मांग
कार्यक्रम के दौरान ईदगाह कमेटी समेत चार मुस्लिम संगठनों ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यक्रम में पहुंचकर ज्ञापन दिया। इसमें गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन देने वालों में राहत अली खां, कासिम रजा खां, इकराम कुरैशी, वकार आलम वारसी आदि मौजूद रहे।