शाहजहांपुर। मुफ्त खाद्यान्न की बाजार मूल्य पर वसूली होने की आशंका में अब तक 1600 से ज्यादा लोग अपने कार्ड वापस कर चुके हैं। किसी ने अपना मकान बड़ा बताया तो किसी ने सालाना आय तीन लाख रुपये से ज्यादा बताकर राशनकार्ड वापस लेने को प्रार्थना पत्र दिए हैं। रोजाना औसतन सात-आठ लोग राशनकार्ड लौटाने जिला आपूर्ति कार्यालय कार्यालय पहुंच रहे हैं। हालांकि ऐसे मामलों का सत्यापन नहीं कराया जा रहा है। वहीं प्रशासन ने साफ किया है कि किसी से रिकवरी नहीं की जाएगी।
इसलिए बढ़ी लौटाने की प्रवृत्ति
चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले दिसंबर में जिले के 5.76 लाख राशनकार्डों का सत्यापन कार्य शुरू किया गया था। विभागीय पूर्ति निरीक्षकों ने उचित दर विक्रेताओं की दुकानों पर जाकर उपभोक्ताओं के बीच यह प्रचार करना शुरू कर दिया कि जिन अपात्रों ने राशनकार्ड बनवा लिया है, तत्काल जमा कर दें। अन्यथा चुनाव के बाद उनसे खाद्यान्न की महंगे बाजार भाव पर वसूली की जाएगी। यही नहीं, उचित दर विक्रेताओं को प्रत्येक दुकान से संबद्ध तीन-तीन राशनकार्ड सरेंडर कराने का लक्ष्य भी दिया गया। अब राशनकार्डों का सत्यापन शुरू हुआ तो खाद्यान्न वसूली के भय से लोगों ने कार्ड लौटाने शुरू कर दिए।
राशनकार्ड पात्रता की ये हैं शर्तें
- घर का कोई सदस्य लोकसेवक न हो।
- परिवार के किसी सदस्य की पेंशन दस हजार रुपये से अधिक न हो।
- आजीविका के लिए पांच एकड़ से कम सिंचित कृषि भूमि हो।
- परिवार के सभी सदस्यों की सालाना आय ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख रुपये और शहरी क्षेत्र में तीन लाख रुपये से अधिक न हो।
ये सभी माने जाएंगे अपात्र
- परिवार में एयरकंडीशनर लगाया हो।
- परिवार का कोई सदस्य अथवा कई लोग आयकरदाता हों।
- परिवार का कोई सदस्य लोकसेवक हो।
- परिवार में चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर आदि कृषि यंत्र हों।
- 100 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल का प्लॉट, मकान अथवा फ्लैट हो।
- एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हों।
- पांच केवी और इससे अधिक क्षमता का जेनरेटर हो।
अपात्र नहीं माने जाएंगे ये सभी लोग
- किसी सरकारी योजना से मिला पक्का मकान हो।
- परिवार में दोपहिया वाहन हो।
- घर में बिजली का कनेक्शन हो।
- परिवार के किसी सदस्य के नाम एक शस्त्र लाइसेंस हो।
- परिवार मुर्गीपालक अथवा गोवंशपालक हो।
मैं शुरू से यही कह रहा हूं कि राशनकार्ड सरेंडर करने अथवा अपात्रों से खाद्यान्न की वसूली का कोई आदेश नहीं आया है। स्वेच्छा से कार्ड लौटाने वालों को मना भी नहीं किया जा सकता। अपात्रों के जितने कार्ड कम होंगे, उसी अनुपात मेें जरूरतमंदों को नए राशनकार्ड जारी हो सकेंगे। -ओम हरि उपाध्याय, जिला आपूर्ति अधिकारी