शाहजहांपुर। पेट्रो पदार्थों के दाम बढ़ने और जमाखोरी की आशंका में बिक्री पर निगरानी बढ़ा दी गई है। आपूर्ति पर भी नियंत्रण किया गया है। जिस फ्यूल पंप पर स्टॉक कम होता है, उसकी जांच करने के बाद ही फ्यूल उपलब्ध कराया जा रहा है।
पिछले सप्ताह पेट्रोल और डीजल के भाव में तीन रुपये का इजाफा हुआ है। पेट्रोलियम कंपनियों को अब भी काफी नुकसान हो रहा है। पेट्रो पदार्थों के भाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को अंदेशा है कि लोग जमाखोरी कर सकते हैं।
ऑयल कंपनियां पेट्रो पदार्थों की जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक रजिस्टर चेक करने के बाद जरूरत के हिसाब से पेट्रो पदार्थों की आपूर्ति कर रहीं हैं। जिला पूर्ति विभाग की टीमें भी लगातार जमाखोरी रोकने के लिए निगरानी कर रहीं हैं। हालांकि जनपद में किसी भी फ्यूल पंप पर पेट्रो पदार्थों की दिक्कत नहीं है।
लोगों को ड्रम और केन में पेट्रो पदार्थों को देने के लिए बिल्कुल प्रतिबंधित कर दिया गया है। अगर इसका उल्लंघन फ्यूल पंप संचालक करेगा तो उसे पेट्रो पदार्थों की आपूर्ति पर पर रोक लगा दी जाएगी। बंथरा स्थित भारत पेट्रोलियम के डिपो प्रभारी अभयवीर सिंह ने बताया कि स्टॉक रजिस्टर चेक करके ही फ्यूल पंपों को पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की जा रही है।
बुकिंग के बाद अब सात दिन में हो रही रसोई गैस सिलिंडर की डिलीवरी
पहले रसोई गैस सिलिंडर बुकिंग कराने पर दो-तीन दिन के अंदर डिलीवरी हो जाती थी, लेकिन अब ऑयल कंपनियों ने नया नियम बनाया है। इसके मुताबिक सिलिंडर बुकिंग कराने के सात दिन में डिलीवर किया जा रहा है। इसकी वजह यह बताई गई है कि लोग सिलिंडर बुकिंग तो करा लेते थे, लेकिन कई दिनों तक सिलिंडर नहीं लेते थे। इससे स्थिति गड़बड़ा जा रही थी। डबल रिफिल वाले उपभोक्ता को बुकिंग 35 दिन के बाद जबकि सिंगल रिफिल वाले उपभोक्ता की बुकिंग 25 दिन के बाद हो रही है। जिसने पहले बुकिंग कराई है, उसको पहले सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
जमाखोरी रोकने के लिए ऑयल कंपनियों की तरफ से स्टॉक के अनुसार पेट्रो पदार्थों की आपूर्ति की जा रही है। विभाग की ओर से फ्यूल पंपों की निगरानी की जा रही है। अब बुकिंग के सात दिन में सिलिंडर डिलीवरी की जा रही है।
- चमन शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी