फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: पोर्टल खुलते ही परीक्षाओं का ऐलान होने से असमंजस में छात्र

विज्ञापन
वैभव सक्सेना, छात्र नेता
विज्ञापन
शाहजहांपुर। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने स्नातक कक्षाओं की सेमेस्टर परीक्षाएं 11 दिसंबर से शुरू होने की घोषणा कर दी है। परीक्षा के पंजीकरण कराने के लिए दोबारा पोर्टल खोले जाने के एक दिन बाद ही परीक्षाओं का ऐलान किए जाने से विद्यार्थी असमंजस में हैं।
विज्ञापन

छात्र-छात्राओं का कहना है कि दिसंबर के द्वितीय सप्ताह में परीक्षा कराया जाना गलत होगा। समय से पहले परीक्षाएं कराना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है। हालांकि पूर्व में आठ नवंबर से परीक्षाएं कराया जाना प्रस्तावित था। समर्थ पोर्टल से परीक्षा फार्म भरे जाने की सूचना से परीक्षाएं प्रभावित हो गईं थीं। इस दौरान तमाम विद्यार्थी परीक्षा फार्म भी नहीं भर पाए थे।

फोटो - 47
विश्वविद्यालय परीक्षा नियंत्रक अपनी बात पर कायम नहीं हैं। कुछ ही दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि दिसंबर माह में परीक्षाएं कराया जाना अनुमानित है। दिसंबर माह के द्वितीय सप्ताह में ही परीक्षा तिथियां घोषित कर दी गई। इसमें बदलाव होना चाहिए। परास्नातक की तरह स्नातक की परीक्षाएं भी जनवरी में ही रखी जाएं। - वैभव सक्सेना
विज्ञापन


फोटो - 48
कम से कम चार माह पढ़ाई के बाद परीक्षाएं होनी चाहिए। विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षाओं के लिए आवेदन करने को पुनः पोर्टल खोला गया और अगले दिन ही परीक्षाओं की तिथियों का ऐलान कर दिया गया। इतने कम समय में परीक्षाएं कराया जाना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है। - आयुष श्रीवास्तव

फोटो - 49
जिस तरह से विश्वविद्यालय सत्र अवधि से पहले परीक्षाएं करवाने पर जोर दे रहा है, उससे छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ ही होगा। विद्यार्थी केवल परीक्षाएं पास करने और अंक अर्जित करने को मजबूर हैं। इस अफरातफरी के माहौल में न तो वे पाठ्यक्रम का गंभीरता से अध्ययन कर पा रहे हैं और न ही परीक्षाओं के लिए खुद को सक्षम बना पा रहे।
- मुस्कान सिंह

फोटो - 50
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक कक्षाओं की सेमेस्टर परीक्षाओं की समय पूर्व घोषणा की गई है। विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए और समय देना चाहिए। अभी परीक्षा की तैयारी के लिए मॉडल पेपर भी नहीं आ सके हैं। बगैर तैयारी के विद्यार्थी कैसे परीक्षा देंगे। - अंशु वर्मा

फोटो - 51
स्नातक कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ विश्वविद्यालय न्याय नहीं कर रहा। छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए समय देना चाहिए। तैयारी के बिना परीक्षा देना संभव ही नहीं है। उनकी मांग है कि सेमेस्टर परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव किया जाए। जनवरी माह में स्नातक की परीक्षाएं कराई जा सकती हैं, यह न्यायोचित होगा - अंशु मिश्रा

वैभव सक्सेना, छात्र नेता

वैभव सक्सेना, छात्र नेता

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें