अल्हागंज। लॉकडाउन के चलते जिले की सीमाएं सील होने से गंगा तट पर अंत्येष्टि करना भी मुश्किल हो गया है। जिले में प्रवेश करने वाले निजी वाहनों के साथ अंत्येष्टि के लिए शव लेकर जाने वालों पर भी सख्त पहरा लगा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि लॉकडाउन में किसी को भी जिले से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। इस वजह से लोगों को जिले में ही रामगंगा किनारे अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।
जिले की सीमा पर अल्हागंज की पुलिस तैनात है तो फर्रुखाबाद के थाना राजेपुर बॉर्डर पर पीएसी तैनात कर दी गई है। सीमा पर थाना पुलिस द्वारा धन वसूली और पिटाई करने के आरोप में अब तक दो सब इंस्पेक्टर लाइन हाजिर किए जा चुके हैं। इसके बाद से सीमा पर सख्ती बढ़ा दी गई है। फर्रुखाबाद पुलिस अधीक्षक के कड़े तेवरों के चलते पुलिस किसी को भी सीमा पार करने नहीं दे रही। इसकी वजह से अल्हागंज और जलालाबाद क्षेत्र के किसी व्यक्ति के निधन पर परिजन शव को अंत्येष्टि के लिए गंगा नदी के पांचाली घाट (फर्रुखाबाद) तक नहीं ले जा पा रहे हैं। शव लेकर पहुंचने वाले वाहनों को थाना राजेपुर पुलिस बैरिकेडिंग से ही वापस कर देती है।
पुलिस का स्पष्ट कहना है कि जनपदीय सीमा सील होने की वजह से किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं है। इसलिए शव की अंत्येष्टि संबंधित क्षेत्र के श्मशान घाट पर ही की जाए।
अल्हागंज क्षेत्र के गांव इस्लामगंज निवासी प्रभु दयाल बताते हैं 26 अप्रैल को उनके भाई रामदास का आकस्मिक निधन हो गया था। उनके शव को वाहन पर रखकर गंगा नदी तट पांचाली घाट के लिए लिए ले जा रहे थे। थाना राजेपुर की पुलिस ने वाहन को रोक लिया और सभी को वापस कर दिया। मजबूरी में उन्होंने रामगंगा नदी पुल के पास अंत्येष्टि की। इसी प्रकार अब तक कई शवों की रामगंगा नदी के तट पर अंत्येष्टि की जा चुकी है।
लॉकडाउन की वजह से जनपदीय सीमा को सील किया गया है। स्पष्ट निर्देश है कि किसी को भी सीमा पार न करने दिया जाए, चाहे शव रखा वाहन ही क्यों न हो। चार से अधिक लोगों को एक साथ जाने की अनुमति नहीं है, शव रखे वाहन के साथ कई लोग होते हैं। इससे कोरोना वायरस फैलने की पूरी आशंका रहती है। - जयंती प्रसाद गंगवार, एसओ, थाना राजेपुर फर्रुखाबाद