एसएस कॉलेज के स्वर्ण जयंती महोत्सव में शनिवार को विज्ञान दिवस एवं संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इस अवसर पर ‘जल प्रदूषण एवं जैव विविधता’ विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नेहरू ग्रामोद्योग विश्वविद्यालय इलाहाबाद के कुलपति प्रोफेसर केवी पांडेय ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने हमेशा पर्यावरण के सभी तत्वों में देवताओं का वास माना है। भारत की इसी सोच ने प्रकृति को पूज्य और नदियों को मां का सम्मान दिया, लेकिन आज हम प्रकृति के तत्वों को सिर्फ उपभोग की वस्तु मान रहे हैं, जिसका परिणाम यह हुआ है कि हमने प्रकृति का विनाश तो किया ही, साथ ही हम स्वयं विनाश के द्वार पर खड़े हो गए।
प्रोफेसर पांडेय ने कहा यह भले ही अनुसंधान का विषय हो कि गंगा जैसी पवित्र नदी में नालों को गिरने की अनुमति किसने प्रदान की, लेकिन यह सच्चाई है कि गंगा में निरंतर गंदगी गिराई जा रही है। साधन और सुख के लिए हमने जो किया है क्या वह हमारी मौत का कारण नहीं बनता जा रहा है। इसे बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने महान वैज्ञानिक सीवी रमन को उनके जन्मदिन पर याद करते हुए कहा कि युवा वैज्ञानिकों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। साधनविहीनता और विपरीत परिस्थतियों के बावजूद उन्होंने वैज्ञानिक खोजों को अंजाम दिया।
विशिष्ट अतिथि स्वामी सर्वदानंद सरस्वती ने कहा कि पर्यावरण का जो संकट हमें दिखाई दे रहा है उसके पीछे बड़ा कारण हमारी अनुशासनहीनता है। इसी से प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है। यह प्रदूषण प्राकृतिक तत्वों के कारण नहीं, बल्कि हमारी प्रदूषित प्रवृत्तियाें का परिणाम है। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ वैज्ञानिक अरुण कुमार सिंह ने कहा कि विज्ञान प्रगति भी है और विनाश भी। जब सृष्टि बनी थी तो वह पूरी तरह शुद्ध और कल्याणकारी थी, लेकिन हमने इसे पूरी तरह प्रदूषित कर दिया है। हमने अपने पेट भरने के लिए जिस रासायनिक खेती को अपनाया उसने न केवल जैव विविधता को नष्ट किया, वरन हमारी प्रकृति के सारे तत्वों को भी प्रदूषित कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि हमारे कारण नदियों में न तो मछलियां सुरक्षित हैं और न ही जलाशयों में जलीय जंतु। जल को महत्व न देने के कारण ऐसा हो रहा है। हमने जल के व्यावसायिक महत्व को ही समझा है उसकी उदारता को हमने महसूस नहीं किया है। इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रबंध समिति के सचिव रामचंद्र सिंघल, संयोजक डॉ. अनुराग अग्रवाल और स्वामी चिन्मयानंद ने अतिथियों को अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। संगीत विभाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
संगोष्ठी में से डॉ. रंजना प्रियदर्शिनी, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. सुमित सक्सेना, डॉ. मुमताज हुसैन, डॉ. मीना शर्मा, डॉ. विनीत श्रीवास्तव, डॉ. शैलजा मिश्रा, डॉ. विकास खुराना, डॉ. अजीत चारग, डॉ. मनीश कुमार, चंद्रभान त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. आदर्श पांडेय और आभार डॉ. आलोक सिंह ने जताया।
डॉ. आदर्श की पुस्तक का विमोचन
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि नेहरू ग्रामोद्योग विश्वविद्यालय इलाहाबाद के कुलपति प्रो. वीके पांडेय, विशिष्ट अतिथि स्वामी सर्वदानंद सरस्वती, वरिष्ठ वैज्ञानिक अरुण सिंह, स्वामी चिन्मयानंद और प्राचार्य डॉ. एके मिश्र ने वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. आदर्श पांडेय की पुस्तक ‘रिसर्च ऑन फंगल डिजीजेस ऑफ ब्रिंजल’ का विमोजन किया। इस अवसर पर प्रो. पाण्डेय ने कहा कि शोध क्षेत्र के लिए यह पुस्तक सर्वथा उपयुक्त है। डॉ. आदर्श ने बताया कि किताब में पादप रोगों से संबंधित उनके राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय जनरल में प्रकाषित 30 से अधिक शोध पत्र संकलित किए गए हैं। बतादें कि डॉ. पांडेय ने बरेली कालेज बरेली के प्रो0 भोलानाथ पांडेय के निर्देशन में अपना शोध पूर्ण किया है और निरंतर इस दिशा में कार्य कर रहे हैं।
दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने
आज आएंगे राज्यपाल
एसएस कॉलेज में चल रहे स्वर्ण जयंती समारोह में रविवार को दीक्षांत समारोह होगा। प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र ने बताया कि समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाइक होंगे। वह एसएस कॉलेज और एसएस लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करेंगे। दीक्षांत समारोह में हिमाचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी और एमजेपी रुहेलखंड विश्विविद्यालय के कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि संबंधित विद्यार्थी आयोजन स्थल पर सुबह 10.30 बजे तक जरूर पहुंच जाएं, इसके बाद उन्हें प्रवेश नहीं मिल सकेगा। मुमुक्षु आश्रम के मुख्य द्वार से सभी आगंतुकों और विद्यार्थियों को समारोह स्थल तक पहुंचना होगा।