शाहजहांपुर। कम जोत वाले छोटे किसानों को अब गन्ने की डिजिटल पर्चियां प्राथमिकता के आधार पर जारी होंगी। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने रेती रोड स्थित गन्ना भवन में केन इम्प्लीमेंटेशन कमेटी (गन्न क्रियान्वयन समिति) की बैठक में चीनी मिलों द्वारा अभी तक की गई गन्ना खरीद की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को इसी आशय के निर्देश दिए।
समीक्षा से पता चला कि अभी तक जिले के लगभग 95 हजार किसानों से एक लाख क्विंटल गन्ना खरीद की जा चुकी है ओर इसके सापेक्ष मिलों में सात लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हो चुका है। बैठक में छोटे किसानों को प्राथमिकता के तहत चीनी मिल चलने के 45 दिन के अंदर पेड़ी गन्ना की पर्ची जारी होने और एक फरवरी से पौध गन्ना की पर्ची जारी होने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इससे ज्ञात हुआ कि जिले के 37130 छोटे गन्ना किसान 11614 हेक्टेयर जमीन पर गन्ना की खेती करते हैं। छोटे किसानो को 85 हजार पर्चियां जारी हो चुकी हैं।
डीसीओ डॉ. भार्गव ने कहा कि सैनिकों, सेवानिवृत सैनिकों एवं अर्धसैनिक बलों (सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, असम रायफल्स आदि को उनके मृतक होने पर उनके विधिक उत्तराधिकारी को आगामी एक जनवरी से सुविधा सट्टा नीति में दी गई व्यवस्था के अनुसार पर्ची जारी होंगी। उन्होंने अधिकारियों को समानुपातिक गन्ना खरीद, टैगिंग आदेश के अनुपालन, क्रय केंद्रों के निरीक्षण, घोषणा पत्र भरे जाने, गन्ना मूल्य एवं विकास अंशदान के भुगतान आदि कार्य समय से करने के निर्देश दिए।
बैठक में गन्ना विकास समितियों के सचिव, सभी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, समिति के पूर्व अध्यक्ष सत्यवीर सिंह यादव, रोजा मिल के प्रतिनिधि बृजेश शर्मा, तिलहर मिल के सीसीओ अमित चतुर्वेदी, पुवायां मिल के सीसीओ उदय भान सिंह, लोनी मिल के अनिल सिंह, मकसूदापुर मिल के हितेंद्र सिंह, निगोही मिल के डीडी शर्मा आदि अधिकारी मौजूद रहे।