शाहजहांपुर। गर्मी के चलते खेत में काम करने वालों की त्वचा फटने के साथ ही उसमें चिपचिपा मवाद निकल रहा है। ये वे लोग हैं, जो गेहूं की कटाई और खंदाई के चलते पूरे-पूरे दिन तक खेतों में रहे।
राजकीय मेडिकल काॅलेज के त्वचा रोग विभाग में रोजाना ही ढाई सौ मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें त्वचा फटने के 50 और 60 मरीज दाद-खाज-खुजली की समस्या लेकर आते हैं। डॉक्टर की मानें तो गेहूं की कटाई के दौरान अधिक समय तक धूप में रहने की वजह से लोगों को एलर्जी हो जाती है।
उनके कंधे, गर्दन, पीठ की चमड़ी फट गई और उसमें चिपचिपा पानी आने लगा है। ऐसे मरीजों को दवा देने के साथ ही तेज धूप में घर के बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जाती है।
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पसीने की वजह से दाद-खाज की समस्या
-गर्मी में मोटी जींस पहने की वजह से लोग दाद और खाज की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे मरीज आने पर उनसे कॉटन के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। इसके अतिरिक्त होंठ फटने, चेहरा सूखने, धूप से एलर्जी और झाई के मरीज भी आ रहे हैं।
ये बरतें सावधानी
-सुबह दस से दोपहर तीन बजे के बीच घर से निकलने से बचें।
-पूरी आस्तीन की कॉटन की शर्ट पहनें, चश्मा और कैप लगाएं।
-पानी, ओआरएस का घोल व नींबू पानी भी कुछ अंतराल में पीते रहें।
-सन क्रीम लगाएं। टमाटर, विटामिन सी वाली चीजों को खानपान में बढ़ाएं।
-अंगुली में दाद होने पर जूता पहनने से परहेज करें, खुली चप्पल को पहनें।
-डॉ. ऊषा चंद्रा, त्वचा रोग विभाग, राजकीय मेडिकल कॉलेज