फॉरेंसिक, सर्विलांस टीम भी जांच टीम में शामिल आईजी ने बताया कि टीम में फॉरेंसिक एक्सपर्ट, सर्विलांस एक्सपर्ट के साथ ही लीगल एडवाइजर(एसपीओ) और बेदाग छवि के लोगों को शामिल किया गया है, ताकि जांच में किसी तरह के किसी बिंदु की जांच प्रभावित न हो।
पहले दस्तावेजों का अवलोकन, फिर होगी स्वामी से पूछताछ आईजी ने बताया कि उनका पहला काम पुलिस की अब तक की विवेचना, कोर्ट में प्रस्तुत किए गए साक्ष्य व दस्तावेजों को कलेक्ट कर उनकी गहराई से जांच पूरी करना है इसके बाद पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद से छात्रा अपहरण मामले में पूछताछ की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अभी पुलिस की ओर से सौंपे गए अभिलेखों का अवलोकन किया जाएगा।
एक दिन पहले ही आने शुरू हो गए थे एसआईटीम के लोग एसआईटीम में शामिल किए गए लोगों में से कुछ लोग गुरुवार को ही
शाहजहांपुर पहुंच गए थे, लेकिन शुक्रवार को आईजी नवीन अरोड़ा दोपहर टीम के अन्य सदस्यों के साथ पहुंचे और स्वामी चिन्मयानंद से जुड़े दोनों ही केसों के बारे में जानकारी कर दस्तावेज लिए।
छात्रा और भाई के प्रपत्र रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के कुलपति को भेजे गए स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाने वाली छात्रा और उसके भाई को खतरा मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छात्रा और उसके भाई को एसएस लॉ कॉलेज के बजाय दूसरे कॉलेज से पढ़ाई पूरी कराने के निर्देश दिए थे, इसी क्रम में शुक्रवार को छात्रा की पढ़ाई से संबंधित दस्तावेज रुहेलखंड विश्वविद्यालय को भेज दिए। यह जानकारी एसएस लॉ कॉलेज के प्राचार्य संजय बरनवाल ने दी।