शहर के तमाम बाइक चालकों ने अपनी बाइक को कार मान लिया है। इस वजह से तीन सवारियों का तो छोड़िए चार और पांच सवारियां बैठाकर चलने में भी लोग चूक नहीं रहे हैं। ऐेसे ही बाइक सवार दो साहेबान शहर में जान जोखिम में डालकर फर्राटे भरते रहे। कहीं भी ट्रैफिक पुलिस या सिविल पुलिस ने इन्हें रोकने की जहमत नहीं उठाई।
साल दर साल सड़क दुर्घटनाओं में हो रहे इजाफे के पीछे सबसे बड़ी वजह वाहन चालकों की लापरवाही देखने को मिली है। इसके बावजूद भी लोग जान जोखिम में डालकर वाहन चलाने में लापरवाही बरतते हैं। इससे अक्सर लोग घायल हो जाते हैं। शहर में बाइक चालक अक्सर दोपहिया वाहनों पर तीन से चार लोगों को बैठाकर यात्रा करते हैं, जिससे दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। बाइक सवारों की ये तस्वीरें देखकर आपको इस बात पर भरोसा हो जाएगा।
जिला अस्पताल में किसी मरीज का हालचाल जानने के लिए पहुंचे इन साहेबान को ही देख लीजिए। बाइक पर दो बच्चे और दो महिलाओं को बैठा लिया और निकल पड़े घर की ओर। यह राजघाट चौकी के सामने से होकर गुजरे भी, लेकिन चौकी पुलिस जुलूस निकालने में व्यस्त रही और ये साहेबान अपने साथ चार अन्य लोगों की जान जोखिम में डालकर सफर करते रहे।
चौक से घंटाघर की ओर जाने वाली सड़क पर काफी भीड़भाड़ रहती है। इस वजह से कई बार जाम लग जाता है, जिससे दो सवारी बैठे होने पर बाइक चलाने में भी लोंगों को मुश्किल होती है। वहीं यह बाइक सवार साहेबान धड़ल्ले से चार सवारियां बैठाकर चलते बने। पुलिस की नजर बचाकर यह अंजान चौकी के सामने से गुजर गए। अपने गंतव्य तक जाने में इन्होंने जान जोखिम में होने की परवाह भी नहीं की।