आसान नहीं था फैसला
नौकरी मिलने के बाद सरिता ने अपना जेंडर बदलवाने का इरादा पक्का किया। उन्होंने बताया कि जेंडर बदलवाने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। परिवार के बाकी सदस्य का साथ मिला, लेकिन शुरुआत में उनकी मां फैसले के विरोध में थीं। बाद में उन्होंने भी साथ दिया।
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शरद सिंह ने बताया कि जेंडर बदलवाने से पहले उन्होंने काउंसलिंग का सहारा लिया। राजकीय मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में काउंसलिंग के बाद लखनऊ में हार्मोनल थेरेपी से उनके शरीर में परिवर्तन आ गए। इस प्रक्रिया के बाद उन्होंने साल 2021 में विशेषज्ञ चिकित्सकों से सर्जरी करवाई।
ऑपरेशन के बाद सरिता उर्फ शरद की दाढ़ी-मूंछ भी आ गईं हैं। उन्होंने अपना जेंडर बदलवाने के लिए बीएसए कार्यालय में पत्राचार किया। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद उनकी सर्विस बुक में जेंडर बदल दिया गया है। अब वह पीलीभीत की सरिता सिंह के साथ शादी करने जा रहे हैं।