लोगों में दिखा उत्साह
टोल प्लाजा से पहले दोनों ओर दो बड़े स्टॉल लगाए गए थे, जिन पर बसों पर सवार लोगों को देने के लिए पानी, फल व भोजन के पैकेट रखे जाने की व्यवस्था की गई थी। तापमान बढ़ने के साथ ही बस में सवार लोगों पर गर्मी का असर दिखाई देने लगा। ऐसे में लोग बसों में ही बैठे रहे। इसके बावजूद कार्यक्रम में जाने को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखाई दे रहा था।
इस दौरान कई बार मोदी-योगी जिंदाबाद के नारे भी गूंजते रहे। शाम चार बजे बसों के कार्यक्रमस्थल से लौटने का सिलसिला शुरू हो गया। कार्यक्रम से लौटे भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष पंकज गुप्ता के अलावा इसी बस से आए करनापुर के गोविंद अवस्थी, जलालाबाद निवासी सुधीर गुप्ता व नरेश शर्मा ने बताया कि हर जगह बेहतर व्यवस्था के चलते किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। गंगा एक्सप्रेसवे से गुजरना बहुत ही सुखद अनुभव रहा। बस रफ्तार से चल रही थी फिर भी धीमी लग रही थी। रास्ते में ड्राइवर को कहीं ब्रेक लेने की जरूरत नहीं पड़ी। एक्सप्रेसवे जिले की तरक्की का नया अध्याय लिखेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे पर खड़ी रोडवेज की बसें
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दूसरे वाहनों को नहीं मिली एंट्री
गंगा एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर पुलिस बल तैनात रहा। कार्यक्रम के समापन के बाद जब सभी बसे वापस आ गईं तभी पुलिस हटाई गई। प्रभारी निरीक्षक राजीव तोमर ने बताया कि पुलिस बल की तैनाती इसलिए भी रखी गई थी ताकि कोई अन्य वाहन बुधवार को एक्सप्रेसवे पर न पहुंच जाए। कार्यक्रम से वापस आने वाली बसों की भी एंट्री किए जाने के निर्देश दिए गए थे।
सुबह चार बजे से जुट गए अधिकारी
मंगलवार को दिनभर तैयारी कराने के बाद बुधवार को सुबह चार बजे से अधिकारी बसों को सकुशल रवाना कराने में जुट गए थे। एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्रा सुबह चार बजे से पूरी कवायद की निगरानी करते रहे। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह भी नजर बनाए रहे। सभी ब्लॉकों में बसों को शाम को ही भेज दिया गया। करीब 1:15 बजे प्रधानमंत्री रैली स्थल से रवाना हुए। इसके बाद लोग अपने-अपने क्षेत्र की बसों में आकर बैठ गए। रास्ते में फिर सभी बसों में खाने के पैकेट वितरित किए गए। जनपद के अधिकारी सभी गतिविधियों पर नजर रखे रहे।
एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र ने बताया कि प्रशासन की निगरानी में सभी बसों को रवाना किया गया। बीडीओ को उनके क्षेत्र की बसों के साथ भेजा गया। अन्य अधिकारी लोगों की सुविधा पर नजर रखे रहे। भोजन-पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई।
एक घंटे में तय किया हरदोई तक का सफर
जलालाबाद के डोलापुर निवासी लेखराज ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर का मौका मिला है। क्षेत्र के लिए यह एक्सप्रेसवे किसी सपने के सच होने जैसा है। हरदोई का सफर सिर्फ एक घंटे में पूरा हो गया। कोला गांव की रामकली ने कहा कि कार्यक्रम में ले जाने खाने-पीने से लेकर बैठने तक की अच्छी व्यवस्था थी। पहली बार किसी एक्सप्रेसवे पर सफर करने तथा प्रधानमंत्री को सुनने का मौका मिला। एक बार इस एक्सप्रेसवे से प्रयागराज जाने की इच्छा है।
गांव नवाजपुर के वरुण गिरि ने बताया कि प्रधानमंत्री हमेशा देश के विकास के लिए सोचते हैं, उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे इसका उदाहरण है। गंगा एक्सप्रेसवे से प्रदेश के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। प्रधानमंत्री के विचारों को सुनकर बहुत अच्छा लगा। गांव अंडहा के देवीलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचारों को सुनने के लिए हरदोई गया था। प्रधानमंत्री आम आदमी की चिंता करते हैं। जिले के विकास में एक्सप्रेस वे बड़ी भूमिका अदा करेगा। प्रयागराज से लेकर मेरठ तक सफर बहुत कम समय में होगा।
पूरे दिन दुश्वारियां सहन की, कार्यक्रम के बाद मिली राहत
हरदोई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में गई 115 रोडवेज बसों के चलते यात्रियों को पूरे दिन दुश्वारियां सहन करना पड़ी। लंबे रूट से लेकर लोकल मार्ग तक पर परेशानी रही। शाम को बसों के लौटने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए शाहजहांपुर डिपो की आधी बसें हरदोई के मल्लावा में मंगलवार की सुबह भेज दी गई थीं। बसों के जाने के चलते दो दिन से यात्रियों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।
बुधवार को हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर समेत लोकल रूट पर भी बसों का टोटा रहा। वहीं दिल्ली समेत कई लंबे रूट की बसें नहीं होने से यात्री इंतजार करते रहे। सिंधौली से आए संतराम ने बताया कि वह काफी देर से लखनऊ जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई बस नहीं आई है। एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि बसें आने के बाद संचालन पूर्व की तरह शुरू करा दिया गया है।