31 जुलाई की रात गौतम मौर्य की चाकू से गोदकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। दो समुदाय का मामला होने के चलते एक अगस्त को हिंदू संगठनों ने कांट थाने के सामने धरना देकर करीब आठ घंटे तक कांट-जलालाबाद मार्ग जाम रखा था। एसपी सौरभ दीक्षित ने पहुंचकर मामले को शांत कराया था। धरने देने वाले आरोपी के मकान पर बुल्डोजर चलाने की बात लिखित में लेने के बाद माने थे।
नगर पंचायत ने जारी किया था नोटिस
मामले में पुलिस ने समीर, उसके पिता लियाकत, सगे भाई तदीम व चचेरे भाई राजा को जेल भेज दिया था। हत्या के बाद से उसका मकान बंद था। मामले में नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी नूरजहां ने दो अगस्त को समीर के मोहल्ला गढ़ी पूर्वी प्रथम में स्थित मकान पर निर्माण अवैध होने की बात कहते हुए नोटिस चस्पा कराया था। 15 दिन में जवाब देने के लिए कहा गया था लेकिन जवाब नहीं दिया गया।
समय बीतने के बाद प्रशासन ने निर्माण तोड़ने की कार्रवाई शुरू की है। समीर के मकान में तीन हिस्से हैं। एक हिस्सा उसकी मां सलमा के नाम पर है जबकि दो हिस्से परिवार की अमीरन, नसीम के नाम दर्ज हैं। ईओ के मुताबिक, बिना सूचना और बिना स्वीकृत मानचित्र के अनधिकृत निर्माण किया गया है। इसे तोड़ा जा रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।