समय बीतने के बाद प्रशासन ने निर्माण तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। समीर के मकान में तीन हिस्से हैं। एक हिस्सा उसकी मां सलमा के नाम पर है, जबकि दो हिस्से परिवार की अमीरन, नसीम के नाम दर्ज हैं। ईओ के मुताबिक, बिना सूचना और बिना स्वीकृत मानचित्र के अनधिकृत निर्माण किया गया है। इसे तोड़ा गया है। बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे एसडीएम सदर प्रभात राय और सीओ सदर शुभम वर्मा के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा था।
एक हजार स्क्वायर फीट में बना था मकान
पहले हथौड़े से मकान का ऊपरी हिस्सा तोड़ा गया। इसके बाद जेसीबी से मकान ढहाने की कार्रवाई शुरू की गई। करीब एक हजार स्क्वायर फीट में बने मकान में दस कमरे थे। इसमें पांच परिवार रहते थे। जेसीबी से पूरे मकान को गिरा दिया गया है। वहीं, आरोपी पक्ष की महिला रिश्तेदारों का कहना है कि प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण ढंग से कार्रवाई की है। हत्याकांड में शामिल अश्वनी के मकान पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।