निगोही (शाहजहांपुर)। निगोही इलाके में विवाहिता के कपड़ों लगी आग बुुझाने की कोशिश में एक परिवार के सात लोग झुलस गए। इनमें दंपती सहित पांच लोगों की हालत नाजुक बताई जाती है, जिन्हें इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया है। परिजन के मुताबिक महिला के कपड़ों में आग खाना बनाते समय लगी। जबकि ग्रामीण और पुलिस पति-पत्नी के बीच विवाद बता रहे हैं।
निगोही थाना क्षेत्र के गांव गुरगवां निवासी रामवीर की पत्नी विमला (23) बुधवार शाम की सात बजे घर में चूल्हे पर खाना बना रही थी। परिजन के मुताबिक इसी दौरान तबा पर रोटी डालते समय चूल्हे की लपट से विमला के कपड़ों में आग लग गई। उसकी चीखें सुनकर पति रामवीर (25) व ससुर मेवाराम (40) दौड़कर पहुंचे। विमला को बचाने के चक्कर में रामवीर और मेवाराम भी आग की चपेट में आ गए। उन्हें बचाने की कोशिश में एक-एक करके विमला की सास वीराबती (36), देवर सतेंद्र (15), ननद सरस्वती (16) भी आग की चपेट में अए गए। इस अफरातफरी के बीच बोतल में रखा पेट्रोल जमीन पर गिर गया, जिससे आग और भड़क गई। इससे रामवीर का छह साल का बेटा अंशुल भी आग की चपेट में आ गया। घर में चीख पुकार मची तो आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई। मगर तब तक सभी लोग गंभीर रूप से झुलस चुके थे। इसकी सूचना मिलने पर निगाही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। फौरन एंबुलेंस बुलाकर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। जहां विमला, रामवीर, मेवाराम, वीरावती, सरस्वती की हालत गंभीर देखकर लखनऊ रेफर कर दिया गया है। घर में केवल मेवाराम की 20 वर्षीय बेटी सुनीता बची है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि रामवीर और उनकी पत्नी विमला के बीच विवाद हुआ था। इसी के चलते विमला ने अपने कपड़ों में आग लगा ली। पुलिस भी हादसे के पीछे घरेलू विवाद बता रही है।
पति-पत्नी के बीच विवाद की वजह से आग लगने से सभी लोग झुलस गए है। मामले की जांच की जा रही है। सही कारण जांच के बाद पता चलेगा। - मनोहर सिंह, प्रभारी निरीक्षक निगोही