यश भारती सम्मान से सम्मानित रमेश भइया ने कहा है कि समाज की सृजनात्मक शक्ति नारी है। बोले, समाज में मातृशक्ति को पूज्यनीय बनाने का दायित्व हम सभी का है।
वह गांव सिकंदरपुर अफगानान में राष्ट्रीय युवा विकास शोध संस्थान की ओर से ‘नारी शिक्षा की महत्ता’ पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समाज को धन, विद्या तथा शक्ति की चाहत होती है इन तीनों की प्रमुख लक्ष्मी, सरस्वती तथा दुर्गा मातृशक्ति की प्रतीक हैं तथा समाज में शांति अहिंसा की प्रतिमूर्ति भी नारी होती है। बोले, नारी को शिक्षित करने से समाज की तस्वीर बदलती है तथा उसे गति मिलती है। पूर्व में रमेश भइया ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर नेहरू युवा मंडल के अशोक कुशवाहा, आनंद त्रिवेदी, मुनीश सिंह परिहार, सुभाष, अशोक, कुलदीप, देवेंद्र गौतम आदि मौजूद रहे। संचालन संस्था के सचिव ब्रजेश सक्सेना ने किया।