शाहजहांपुर। डीएम की अनुमति के बगैर रैक की खाद बेचने के मामले में जिलास्तरीय 16 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। इनमें पांचों तहसीलों के एसडीएम और बीडीओ को शामिल किया गया है। मामले में चार दिन के अंदर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
छह नवंबर को पीलीभीत के बीसलपुर निवासी और रोजा मंडी की ज्वालासरन फर्म के मालिक पवन कुमार ने ई-मेल के माध्यम से जिला कृषि अधिकारी कार्यालय को सूचित किया कि मैसर्स हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एक रैक बरेली आनी है। यह रैक सात नवंबर को आएगी।
इसमें ज्वालासरन जगदीश सरन को 235 टन डीएपी और 17.5 टन ट्रिपल सुपरफॉस्फेट शाहजहांपुर के लिए मिलनी है। इसके विपरीत खाद की यह रैक छह नवंबर को ही बरेली के रेलवे रैक प्वाइंट पर आकर लग गई थी।
फर्म ने 16 फुटकर विक्रेताओं को उर्वरक बेच दिया। इस मामले में जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर की तहरीर पर रोजा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। डीएम ने मामले में जांच के आदेश दिए।
जांच में सामने आया है कि 16 फुटकर विक्रेताओं में तीन सदर, छह कलान, तीन पुवायां, दो जलालाबाद तहसील के फुटकर विक्रेता हैं। इस मामले में डीएम ने जांच के लिए 16 सदस्यीय टीम गठित की है। टीम जांच करेगी कि फुटकर विक्रेताओं के पास कितना स्टाॅक है, खाद किन लोगों को बेची गई, ओवररेटिंग तो नहीं की गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट चार दिन में देने के लिए कहा गया है। संभावना है कि बुधवार शाम तक रिपोर्ट आ जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम