पंडित कान्हा कृष्ण शुक्ला। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। भगवान शिव की अराधना का महीना सावन नजदीक आ गया है। भोलेनाथ के प्रिय महीने में चार दुर्लभ योग बन रहे हैं। इसमें भक्तों को सौभाग्य, सुख-समृद्धि ओर मनचाहा वरदान मिलेगा।
श्री रुद्र बालाजी धाम के पंडित डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि सावन महीने की शुरुआत चार दुर्लभ योग से हो रही है। सावन के पहले दिन 11 जुलाई को सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति योग, शिववास और आयुष्मान योग बनेंगे। पहले ही दिन बन रहे एक विशेष योग को शिववास योग कहा जाता है। शुभ संयोग में भगवान शिव माता पार्वती के साथ कैलाश पर्वत पर विराजमान रहेंगे।
मान्यता है कि इस योग में शिवजी की पूजा और जलाभिषेक करने से साधक को सौभाग्य, सुख-समृद्धि और मनचाहा वरदान प्राप्त होता है। इस योग में शिवजी की पूजा करने से अभीष्ठ सिद्धि की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई को रात 1:49 बजे पूर्णिमा का समापन होगा और प्रतिपदा लग जाएगी। सावन की शुरुआत 11 जुलाई से होगी। इस दिन सुबह 6:33 से पूरे दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और वैधृति योग रहेगा। सावन माह नौ अगस्त को संपन्न होगा।
मंगला गौरी के चार व्रत होंगे
सावन के महीने में मंगलवार के दिन मंगला गौरी का व्रत होता है। इस बार मंगला गौरी व्रत चार होंगे। 15, 22, 29 जुलाई व पांच अगस्त को व्रत रखा जाएगा। सावन के सोमवार का व्रत रखने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और इसके अलावा राहु-केतु का अशुभ प्रभाव दूर होता है।
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इस बार पड़ेंगे चार सोमवार
14 जुलाई : पहला सोमवार
21 जुलाई : दूसरा सोमवार
28 जुलाई : तीसरा सोमवार
04 अगस्त : चौथा सोमवार