पुवायां के गांव कुंवरपुर जप्ती निवासी सत्यप्रकाश का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
पुवायां। पिता, मां और दो भाइयों की अस्थियां लेकर पिंडदान करने बिहार के गया गए पुवायां के गांव कुंवरपुर जप्ती निवासी सत्यप्रकाश (53) की मौत हो गई। मौत हृदयघात से होने की आशंका है।
परिजनों के अनुसार, सत्यप्रकाश अपनी पत्नी सत्यवती के साथ पिता रामनारायण, मां राजेश्वरी देवी और दो भाइयों ओमप्रकाश, जयप्रकाश की अस्थियां लेकर पिंडदान करने गया गए थे। 30 सितंबर को दंपती ने प्रयागराज पहुंचकर अस्थियों का विसर्जन और पिंडदान किया। चित्रकूट और वाराणसी होते हुए वह तीन अक्तूबर को गया पहुंचे और वहां भी पिंडदान किया। इस दौरान सत्यप्रकाश के सीने में दर्द होने लगा। पत्नी सत्यवती उनको लेकर अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक सत्यप्रकाश ने दम तोड़ दिया।
पत्नी ने फोन कॉल कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। सत्यप्रकाश के साथ गए लोगों की मदद से पत्नी रविवार को शव लेकर घर आईं। सत्यप्रकाश मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सत्यप्रकाश की मौत से पुत्र बबलू, पुत्रवधू शिवानी सहित परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।