परौर में बनी कच्ची नाली से बहता पानी। संवाद
परौर। कस्बे में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से वह कीचड़ से भर चुकी हैं। उनका गंदा पानी गलियारों में जमा हो रहा है। इस कारण लोग आवागमन की दिक्कत झेल रहे हैं। स्वयंसेवी संस्था जनहित सेवा संस्थान ने डीएम को पत्र भेजकर सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
कस्बे में आसपास कई विद्यालयों समेत थाना, अस्पताल आदि सरकारी संस्थान भी हैं, लेकिन वहां भी सफाई व्यवस्था चौपट है। अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य विभाग का सफाई कर्मचारी झाड़ू-पाेंछा करता है, लेकिन अस्पताल के बाहर कई जगह गंदगी छितराई हुई है। थाना गेट और स्कूलों के आसपास भी गंदगी बढ़ गई है।
कस्बे के राजीव सिंह, राजीव कुमार प्रजापति, वीरपाल यादव, रामशरण, कल्लू सिंह के अनुसार पंचायत राज विभाग से नियुक्त कर्मचारी स्थानीय होने से वह सफाई कार्य पर ध्यान नहीं दे रहा है। माह में एक-दो बार नालियां साफ कर गंदगी निकालकर सड़क के किनारे रख दी जाती है, लेकिन उसे कोई उठाने नहीं आता। बाद में वही गंदगी फिर सिमटकर नालियों में चली जाती है। कस्बे के अजीत सिंह, सोनपाल सिंह, जयवीर सिंह प्रजापति, कुलदीप कुशवाहा आदि ने भी यही समस्या बताई। डीएम को भेजे गए पत्र में सफाई कर्मी का अन्यत्र तबादला कर कस्बे में किसी अन्य को नियुक्त करने की मांग की।