‘संगम’ पर आधा किमी तक सूखा गर्रा का फाट
इलाहाबाद के गंगा-यमुना सरीखा संगम क्षेत्र तो नहीं लेकिन शाहजहांपुर के लिहाज से उससे कुछ कम भी नहीं है दनियापुर गांव से लेकर रिलायंस थर्मल पावर प्लांट के सामने तक तक फैला गर्रा और खन्नौत नदी का संगम का इलाका। यहां करीब आधा किमी की लंबाई में गर्रा के आखिरी छोर का फाट पूरी तरह सूख गया है और आधा किमी पहले ही अपेक्षाकृत थोड़ी नीचे होकर बहने वाली खन्नौत में ही गर्रा समाहित हो जा रही है। यहीं इसमें रोजा शुगर मिल और एक शराब निर्माता फैक्ट्री का गंदा पानी भी नालियों से होकर संगम जल में समाहित होता है। चालू गरमी के मौसम में संगम इलाके में पानी की गहराई अलग-अलग जगहों पर एक से लेकर साढ़े तीन फीट तक है। आपस में मिलने से पहले दनियापुर गांव वाले इलाके में खन्नौत में पानी की गहराई करीब दो से चार फीट तक की है जबकि गर्रा में गहराई महज एक से डेढ़ फीट तक है। दोनों नदियों के मिलन स्थल उससे पहले प्रपात वाले स्थान पर दो किनारों पर दो गांवों (दनियापुर और शाहबाजपुर) के सौ से ज्यादा लोगों के खेतों के लिए इन्हीं नदियों का जल मुख्य स्रोत हैं। इसी संगम इलाके से रिलायंस थर्मल पॉवर प्लांट अपने लिए जरूरी जल खींचता है। इसके लिए प्लांट की ओर से संगम की मुख्य धारा में करीब एक दर्जन कुंड बनाए गए हैं। यहां जल स्तर में आई गिरावट से अपेक्षित मात्रा में जल न मिलने के चलते प्लांट की ओर से जाल और पत्थर मुख्य धारा में बीचोबीच मंगलवार को डाला जा रहा था ताकि जल स्तर बढ़े और प्लांट को जरूरत भर का पानी मिलता रहे।
गर्रा-खन्नौत के संगम से रोजाना कितना जल प्लांट में लिया जाता है, इसकी तकनीकी जानकारी नहीं है। हां, सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों से आने वाले बारिश के मौसम में यहां नदियों की दिशा बदलने का अनुमान होने पर उनके मौजूदा कोर्स (बहाव के रूट) को बनाए रखने को कुछ ऐहतियातन काम कराए जा रहे हैं। -- धर्मेंद्र सिंह, एचआर हेड, रिलायंस थर्मल पावर प्लांट, रोजा।