श्री रामचंद्र मिशन में वसंतोत्सव में ध्यान साधना करते अभ्यासी। स्रोत: मिशन।
शाहजहांपुर। श्रीरामचंद्र मिशन में वसंतोत्सव के पांचवें और अंतिम चरण में अभ्यासियों की भीड़ उमड़ी। इस बीच ध्यान साधना कराते हुए मिशन के अध्यक्ष दाजी ने कहा कि हृदय केंद्रित जीवन-दृष्टि में सहज मार्ग साधना पद्धति अपना सकते हैं।
सुबह सामूहिक ध्यान साधना में देश-विदेश से आए हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान कर मानव कल्याण और विश्व शांति की मंगल कामना की। आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना से आलोकित हो उठा।
दाजी ने कहा कि पूर्वाग्रह तो विवेक और समझदारी का चोला पहने रहता है। यह स्वयंं को सत्य के प्रति निष्ठा, अनुभव से अर्जित बुुद्धिमत्ता और सही निर्णय लेने की एक परिपक्व क्षमता के रूप मेंं प्रस्तुुत करता है। उन्होंने कहा कि सीमित दीवारें खड़ी करते हुए असीम तक नहीं पहुंच सकते। शाम के सत्र में ध्यान सत्र में बड़ी संख्या में अभ्यासियों ने ध्यान साधना की।
कार्यक्रम में सचिव उमाशंकर वाजपेई, संयुक्त सचिव अर्जुन अग्रवाल, कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, माधो गोपाल अग्रवाल, एके गर्ग, राज गोपाल अग्रवाल आदि का सहयोग रहा।