शाहजहांपुर। बाल विकास और आपूर्ति विभाग को खाद्यान्न समेत पोषाहार सप्लाई करने वाली संस्था नैफेड का रिफाइंड तेल चोरी होने का मामला चर्चा में आने के बाद अधिकारी पोषाहार की कालाबाजारी रोकने को सतर्क हो गए हैं। गांवों में पहले से गठित निगरानी समितियों को सक्रिय कर दिया गया है जो आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार पहुंचने की स्वयं पुष्टि करके इसकी सूचना मुख्यालय को देंगी।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से जनपद में 2913 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। ये केंद्र शहर समेत ब्लॉक स्तर की कुल 16 परियोजनाओं से संबद्ध किए गए हैं। इनमें पांच वर्ष आयु तक के बच्चों और स्कूल नहीं जाने वाली 12 वर्ष आयु तक की किशोरियों समेत गर्भवती और धात्री महिलाओं को पंजीकृत कर पोषाहार वितरित किया जाता है। अब उन्हें इन वस्तुओं के अलावा खाद्य तेल के तौर पर रिफाइंड तेल भी दिया जाने लगा है।
दो दिन पहले नैफेड के स्थानीय सप्लायर की सूचना पर तिलहर पुलिस ने इसी संस्था के दो कर्मचारियों समेत चार लोगों को सरकारी कोटे का रिफाइंड तेल चोरी करने के मामले में पकड़ा तो बाल विकास विभाग अपने गोदामों से आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषाहार आपूर्ति व्यवस्था मजबूत बनाने को सतर्क हो गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी युगुल किशोर सांगड़ी ने सभी परियोजना अधिकारियों और सुपरवाइजरों को दिए हैं कि वह स्वयं गोदामों से केंद्र वार रिफाइंड तेल सहित अन्य पोषाहार का उठान कराएं। साथ ही निगरानी समितियों के अध्यक्ष ग्राम प्रधानों और सदस्य बनाए गए अभिभावकों से भी केंद्र पर पोषाहार पहुंचने की लिखित पुष्टि लें।
विभाग की पोषाहार वितरण व्यवस्था से करीब तीन हजार से अधिक कर्मचारी जुड़े हैं। उन्हें चेताया गया है कि यदि पोषाहार वितरण में कोई गड़बड़ी मिली तो विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -युगुल किशोर सांगड़ी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग