शाहजहांपुर। नए उद्योगों की स्थापना के लिए सरकार तमाम प्रयास कर रही है लेकिन स्थापित उद्योगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। रोजा औद्योगिक क्षेत्र में नालियां चोक पड़ी हैं। गंदगी और जलभराव की समस्या भी है। अधिकारियों के मुताबिक, जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए रोजा अड्डा से से लेकर मेजबान होटल होते हुए नाले के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है।
रोजा औद्योगिक क्षेत्र में करीब 50 औद्योगिक इकाई हैं। इसमें फ्लोर मिल से लेकर चूड़ा मिल समेत अन्य कारखाने हैं। सरकार की प्राथमिकता में शामिल है कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को सुविधाएं दी जाएं। रोजा औद्योगिक क्षेत्र का हाल काफी खराब है। यहां पर नालियां चोक हैं और पानी निकलने की व्यवस्था नहीं हैं। औद्योगिक इकाइयों के आसपास कूड़े के ढेर लगे हैं। इस ओर नगर निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसकी वजह से उद्यमियों को समस्या से जूझना पड़ता है। उद्यमी कई बार उद्योग बंधु की बैठक में अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रख चुके हैं। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। जगह-जगह जलभराव की समस्या बनी रहती है। व्यापारियों के मुताबिक नाली चोक और साफ-सफाई व्यवस्था की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
नाले के निर्माण की उठाई थी मांग, प्रस्ताव हुआ स्वीकृत
रोजा औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने की वजह से बारिश होने पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती थी। इस समस्या को लेकर उद्यमी काफी समय से निर्माण की मांग उठा रहे थे। नगर निगम ने शासन को 47 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव नाला निर्माण के लिए भेजा था। इसकी स्वीकृति मिल गई है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक शासन की ओर से रोजा अड्डा से लेकर मेजबान होटल, दमहा नाला तक सीतापुर-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग के सड़क के दोनों ओर साढ़े चार किमी से अधिक लंबाई के नाले के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। इसके निर्माण से औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
उद्यमियों से बातचीत
औद्योगिक क्षेत्र में अधिकतर नालियां काफी चोक हैं। इसकी वजह से जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। थोड़ी-सी बारिश होने से जलभराव हो जाता है कारखाने में पानी घुस जाता है। इससे नुकसान होता है।
- राकेश कुमार श्रीवास्तव, उद्यमी
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- रोजा औद्योगिक क्षेत्र में 50 से अधिक इकाई हैं। जलनिकासी और सफाई व्यवस्था नहीं होने की वजह से काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। नाला निर्माण से जलभराव की समस्या से निदान हो सकता है।
- दीपक अग्रवाल, उद्यमी
- उद्योग बंधु की बैठक में डीएम ने नाला निर्माण की स्वीकृति होने की बात बताई है। हमने डीएम से कहा कि जब तक नाला का निर्माण नहीं होता है तब तक साफ-सफाई करा दी जाए तो काफी हद तक राहत मिल सकती है।
गुरजीत सिंह मोंगा, चेयरमैन, आईआईए चैप्टर शाहजहांपुर
नगर निगम ने नाला बनाने का प्रस्ताव तो तैयार कर लिया है, लेकिन यह नहीं बताया कि नाला कैसे और कहां तक बनेगा। तब तक औद्योगिक क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था कर दी जाए। इससे लोगों को दिक्कत नहीं होगी।
- विवेक अग्रवाल, पूर्व उपाध्यक्ष, आईआईए
वर्जन-
रोजा औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव होने की समस्या है। शासन से साढ़े चार किमी और हाईवे के दोनों ओर नाले का निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। 47 करोड़ से अधिक लागत से नाला के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
- आशीष त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता निर्माण, नगर निगम
रोजा में उद्योगिक क्षेत्र के बाहर नालियों को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। संवाद- फोटो : chineni
रोजा में उद्योगिक क्षेत्र के बाहर नालियों को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। संवाद- फोटो : chineni
रोजा में उद्योगिक क्षेत्र के बाहर नालियों को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। संवाद- फोटो : chineni
रोजा में उद्योगिक क्षेत्र के बाहर नालियों को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। संवाद- फोटो : chineni
रोजा में उद्योगिक क्षेत्र के बाहर नालियों को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। संवाद- फोटो : chineni
रोजा में उद्योगिक क्षेत्र के बाहर नालियों को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। संवाद- फोटो : chineni