शाहजहांपुर। जहां एक ओर सरकारी तंत्र महानगर की सड़कों को चौड़ा कर उन्हें हॉटमिक्स से चमकाने में जुटा है, वहीं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को शहर से जोड़ने वाली सड़कों की मरम्मत पर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। शहर के समीप निगोही मार्ग से शहबाजनगर की ओर जाने वाले गांव के मुख्य रास्ते के किनारे बनाई गई नालियां ध्वस्त हो जाने से करीब 200 मीटर लंबाई में जलभराव और कीचड़ से रोड का सफाया हो गया है। करीब डेढ़ दशक पहले यह रोड बनाया गया लेकिन बाद में उसकी मरम्मत पर ध्यान नहीं दिए जाने से उसकी दशा जर्जर होती चली गई। इसी तरह तेल टंकी तिराहा से ढका ताल-रेलवे कॉलोनी मार्ग और सुभाषनगर को बंथरा से जोड़ने वाले मार्ग की मरम्मत से भी नगर निगम और रेलवे के अधिकारी उदासीन हैं। इन मार्गों को सुधारे जाने पर शहर के बड़े हिस्से का लखनऊ दिल्ली नेशनल हाईवे पर आवागमन सुगम हो जाएगा।
हजारों लोगों के लिए मुसीबत बना शहबाजनगर मार्ग
निगोही मार्ग से शहबाजनगर तक रोड की हालत कमोबेश ठीक हैं, लेकिन वहां रेलवे स्टेशन के पास बनाए गए अंडरपास से लेकर गांव तक जगह-जगह जलभराव से दोपहिया वाहन से डगर नापनी खतरे से खाली नहीं है। कीचड़ से बाइक फिसलने और गड्ढों में पलटने का हर वक्त खतरा बना रहता है। रोड का करीब 750 मीटर हिस्सा पूरी तरह उखड़कर कच्चे गलियारे में बदल चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता फकीरे लाल भोजवाल के अनुसार वर्ष 2004 में कांग्रेस के तत्कालीन सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने यह मार्ग बनवाया था। बाद में जो भी सांसद निर्वाचित हुए, उन्होंने इस रोड की मरम्मत कराने पर कोई ध्यान नहीं दिया। अब यह रास्ता पुरानी पुलिस चौकी से लेकर अंडरपास तक चलने लायक नहीं रहा। बता दें कि शहबाजनगर और उसके मझरों की आबादी करीब 30 हजार है। यही नहीं, इसी रास्ते से नई बस्ती, निवाड़ी, घुसगवां आदि गांव जुड़े हैं, लेकिन रोड खराब होने से अन्य गांवों के लोगों को भी उधर से निकलने में दिक्कत हो रही है।
तेल टंकी से ढका ताल तक गड्ढों की भरमार
तेल टंकी से मालगोदाम की ओर बढ़ते ही हर दो कदम के फासले पर कहीं गड्ढे तो कहीं रोड उखड़ी नजर आती है। माल गोदाम के आगे ढका ताल रेलवे कॉलोनी तक करीब डेढ़ किमी लंबा यह रोड भी करीब एक दशक पहले बना था। यह मार्ग रेलवे के अधिकार क्षेत्र मेें आता है, लेकिन रेल विभाग के निर्माण अनुभाग से जुड़े अधिकारियों ने इस मार्ग की शुरू से उपेक्षा की, जबकि इसी रोड के किनारे रेल अधिकारियों, कर्मचारियों के सैकड़ों आवास और अन्य कार्यालय बने हैं। रेलवे से जुड़े लोगों का ही इस मार्ग पर ज्यादा आवागमन रहता है। रात में आने वाली ट्रेनों से उतरने वाले सैकड़ों लोग शहर जाने के लिए स्टेशन के मुख्य द्वार की ओर जाने के बजाय मालगोदाम की ओर उतरते हैं, लेकिन रोड पर वाहन चलाते ही उन्हें हिचकोले खाने पड़ते हैं। ढका ताल रेलवे कालोनी वाले मोड़ के पास रोड का पूरी तरह सफाया हो चुका है। यह रोड बन जाने पर रेल स्टाफ के साथ शहर के मोहल्ला लाला तेली बजरिया, सुभाषनगर आदि के लोगों को भी आवागमन मेें काफी सुविधा हो जाएगी।
सुभाषनगर-बंथरा मार्ग पर वाहन चलाना कठिन
शहर की सुभाषनगर कॉलोनी के मुख्य जर्जर रास्ते को नगर निगम डबल लेन में बनाकर उसकी कायापलट कर चुका है, लेकिन इसी कॉलोनी से बंथरा होकर लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे से मिलने वाले रास्ते की दशा इतनी खराब हो चुकी है कि उस पर दोपहिया वाहन चलाना खतरों से खेलने जैसा है। शहबाजनगर-किला की पुरानी रेलवे लाइन केे ओवरब्रिज तक सुनसान बीहड़ जैसा माहौल दिन मेें बना रहता है। इस कारण लोग रात मेें उधर से वाहनों की रफ्तार धीमी कर निकलने से कतराते हैं क्योंकि वहां आए दिन छिनैती, राहजनी की घटनाएं हो जाती हैं और दुर्घटनाएं होती हैं, सो अलग। रास्ता खराब होने के कारण लोगों को बंथरा जाने के लिए शहर के अन्य घुमावदार रास्ते नापने पड़ते हैं। यह रोड बन जाने पर सुभाषनगर से बरेली जाने वाले लोगों को काफी सहूलियत हो सकती है।
सुभाषनगर मार्ग पुलिया तक बना है। इस मार्ग को रिंग रोड से जोड़ने का प्रस्ताव था, लेकिन रेलवे बोर्ड से इसकी स्वीकृति नहीं मिल सकी, क्योंकि बीच में रेलवे की पुरानी शहबाजनगर वाली लाइन की पुलिया आड़े आ रही है। इसलिए इस मार्ग का दोबारा प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। शहबाजनगर मार्ग ग्राम पंचायत मेें आता है। तेल टंकी-माल गोदाम रोड रेलवे के अधीन है, लेकिन रेल अधिकारियों ने रोड सही करने की क्या योजना बनाई है, इस बारे मेें जानकारी नहीं है। - दिनेश चंद्र सचान, मुख्य अभियंता, नगर निगम
शाहजहांपुर में शहबाजनगर के मुख्य मार्ग के किनारे नालियां टूटी होने कारण जलभराव और कीचड़ से क्षत?- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर में तेल टंकी तिराहा से रेलवे मालगोदाम की ओर जाने वाले रास्ते पर बजरी-कोलतार की ऊपरी पर- फोटो : SHAHJAHANPUR