शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मीरानपुर कटरा से फर्रुखाबाद होते हुए बिल्हौर (कानपुर) तक जाने वाले मार्ग को दो वर्ष पहले स्टेट से नेशनल हाईवे का दर्जा दिया जा चुका है और तभी से इस हाईवे की उपेक्षा हो रही है। इस कारण हाईवे रामगंगा पुल से लेकर अल्हागंज तक गड्ढों की भरमार है। हुल्लापुर चौराहा से अल्हागंज तक कई जगह रोड का पूरी तरह सफाया हो गया है। इसी तरह जलालाबाद के याकूबपुर तिराहा पर हाईवे की ऊपरी परत उखड़ चुकी है और वहां वाहनों के लेन बदलने से अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। मदनापुर में बारिश में बना गड्ढे को ईंटों से भराव कर दिखावे का पैचवर्क किया गया है। यही नहीं, मदनापुर से मीरानपुर कटरा की तरफ बढने पर चार किमी दूर गांव बन्नू नगरिया तक मार्ग टूट चुका है। वहां भी दो माह पहले पैचिंग कराई गई, लेकिन रोड फिर उखड़ रहा है।
कर्मचारियों ने खंदकें पाटकर छोड़ दिए गड्ढे
अल्हागंज। यह मार्ग जब से नेशनल हाईवे घोषित किया गया, लोक निर्माण विभाग ने रखरखाव से अपना पल्ला झाड़ लिया है। इस वजह से हाईवे की स्थिति दिनों-दिन खराब हो रही है। गत वर्ष नवरात्र से पहले चलाए गए गड्ढा मुक्त अभियान के दौरान रामगंगा पुल से हुल्लापुर चौराहा से जलालाबाद तक गहरे हो चुके बड़े गड्ढों को भर दिया गया, लेकिन छोटे गड्ढे जस के तस छोड़ दिए गए, जो अब गहरे और बड़े गड्ढों में बदल गए हैं। इस कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और उनमें दो पहिया वाहन चालकों और ग्रामीणों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। वाहन भी असमय खराब हो रहे हैं। इससे वाहन मालिकों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और समय की बर्बादी हो रही है, सो अलग। गल्ला व्यापारी अनिल गुप्ता के अनुसार इस रोड पर रात के समय चलना काफी खतरनाक है। हुल्लापुर चौराहा से लेकर राज किराया, चिलौआ, कोयला, गोरा, ठिंगरी आदि गांवों के सामने गड्ढों की भरमार से सड़क का अस्तित्व मिट रहा है।
हाईवे पर फिर उखड़ने लगा खड़ंजे का पैबंद
मदनापुर। कटरा-बिल्हौर हाईवे पर बारिश के दौरान सड़क टूटने से कस्बे के पास बड़ा गड्ढा बन गया था। मानसून के दौरान इसी गड्ढे में वाहनों के फंसने से जाम लगना शुरू हुआ तो एनएचएआई के ठेकेदार ने इसे पाट दिया, लेकिन उस पर बजरी-कोलतार का लेपन कराने के बजाय सड़क के समानांतर ईंटें बिछाकर खड़ंजा डाल दिया जो कि मखमल के कुर्ते पर टाट के पैबंद जैसा लग रहा है। हाईवे पर बिछाए गए इसी खड़ंजे के आगे रोड का तल नीचा होने से घरों का गंदा पानी बह रहा है, जिससे दोबारा गड्ढे होने लगे हैं। यहां से बरखेड़ा जयपाल गांव तक रोड की हालत कमोबेश ठीक है, लेकिन कटरा की तरफ चार किमी दूरी तक हाईवे खस्ताहाल है। यहां से से चंदोखा और बन्नू नगरिया तक मार्ग बेहद जर्जर होने से वाहनों को निकलने में काफी दिक्कत हो रही है और आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
दो हाईवे के यातायात का बोझ ढो रहा जर्जर रोड
कटरा-बिल्हौर नेशनल हाईवे का सामरिक महत्व होने के साथ ही इस मार्ग पर फर्रुखाबाद से जलालाबाद तक दो हाईवे के यातायात का बोझ पड़ रहा है। लिपुलेख-भिंड नेशनल हाईवे का ट्रैफिक फर्रुखाबाद से इसी हाईवे पर आकर जलालाबाद तक जाता है। वहां से दोनों हाईवे के रास्ते अलग होते हैं। बरेली, मुरादाबाद, दिल्ली के वाहन सीधे कटरा निकल जाते हैं जबकि उत्तराखंड के शहरों समेत लिपुलेख दिशा के वाहन शाहजहांपुर की ओर मुड़ते हैं। हाईवे के इस हिस्से की स्थिति भी बेहद खराब है।
कटरा-बिल्हौर मार्ग जब तक स्टेट हाईवे रहा, लोक निर्माण विभाग इसकी मरम्मत कराता रहा, लेकिन अब यह हाईवे एनएचएआई को स्थानांतरित हो चुका है। अधूरे पैचवर्क के लिए एनएचएआई के अधिकारी जवाबदेह हैं। मुझे इस बारे मेें यदि कोई शिकायत मिली तो उसे डीएम को अग्रसारित कर समस्या संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाई जाएगी। - ओपी वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोनिवि (प्रांतीय खंड)