खुटार। 26 जनवरी को किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को लेकर शनिवार को पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। लखीमपुर से किसान दिल्ली के लिए नहीं निकले, वहीं खुटार, बंडा से भी किसान दिल्ली नहीं गए। अब रविवार को किसान दिल्ली जा सकते हैं, इसको देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
कृषि कानूनों के विरोध को लेकर दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए किसान दिल्ली जा रहे हैं और तमाम किसान दिल्ली जाने की तैयारी भी कर रहे हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने किसानों को समझाने में पूरी ताकत झोंक दी है। लखीमपुर जिले के किसान भी दिल्ली जाने के लिए शाहजहांपुर में खुटार थाना क्षेत्र की सीमा से निकलते हैं। आईजी, डीआईजी किसान आंदोलन को देखते हुए शुक्रवार को भी खुटार और बंडा पहुंचे थे। किसान आंदोलन की नब्ज टटोलने के लिए बरेली के डीआईजी राजेश पांडे शनिवार को भी खुटार थाने पहुंचे। उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों से किसान आंदोलन के बारे में जानकारी ली। डीआईजी ने सीओ नवनीत कुमार नायक और थानाध्यक्ष जयशंकर सिंह को शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
रविवार को दिल्ली जा सकते हैं किसान
पुवायां। ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए 21 और 22 जनवरी को बंडा से किसान दिल्ली गए थे। शनिवार को किसानों के दिल्ली जाने की सूचना नहीं मिली, लेकिन रविवार को किसान दिल्ली जा सकते हैं। इसके लिए अंदरखाने तैयारी चल रही है। पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियां भी किसानों के दिल्ली जाने को लेकर जानकारी जुटाने में लगी हैं। किसान संगठनों से जुड़े नेताओं को ट्रैक्टर रैली में शामिल न होने के लिए समझाया जा रहा है।