शाहजहांपुर। खन्नौत और गर्रा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। खन्नौत नदी किनारे बसे मोहल्लों में पानी प्रवेश करने लगा है। लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। कुछ आश्रयस्थल पर शरण ले रहे हैं। प्रशासन की तरफ से अलर्ट जारी कर दिया गया है। नदी किनारे बसे लोगों से अपील की जा रही है कि वे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचें।
बुधवार की अपेक्षा खन्नौत नदी में पानी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। खन्नौत नदी का जलस्तर लोधीपुर में वर्तमान में 145.25 मीटरगेज है। खतरे का निशान 145.750 मीटरगेज है। 35 सेमी पानी बढ़ा है। गर्रा का जलस्तर वर्तमान में अजीजगंज पुल के पास 146.70 मीटरगेज है, जबकि खतरे का निशान 148.800 मीटरगेज है।
बृहस्पतिवार को जलस्तर 1.55 मीटर बढ़ा है। दियूनी बांध में गर्रा नदी में 25977 क्यूसेक पानी पास किया गया है। इससे अगले 24 घंटे में जलस्तर काफी बढ़ने की संभावना है। नरौरा बैराज से गंगा में 150798 मीटर पानी पास किया गया है। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। वर्तमान में भैसार ढाईघाट तटबंध पर गंगा का जलस्तर 162.54 मीटरगेज है।
खतरे का निशान 162.400 मीटरगेज है। गंगा में 12 सेमी पानी की वृद्धि हुई है। रामगंगा चौबारी घाट पर वर्तमान में जलस्तर 159.830 मीटरगेज है, जबकि खतरे का निशान 163.070 मीटरगेज है। रामगंगा में 53 सेमी पानी की वृद्धि हुई है।
कुछ ने छोड़ा घर... कुछ अब भी रुके
खन्नौत नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। आठ से 10 परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए और सुरक्षित स्थानों या आश्रय स्थलों पर शरण ले ली है। कुछ लोग अपने मकान की सुरक्षा के लिए बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में ही रुके हैं। उनके सामने मवेशियों को लेकर जाने की मजबूरी है। मवेशी बाढ़ के पानी में बंधे हुए हैं। लोगों को यह भी डर सता रहा है कि घर छोड़कर जाने पर चोर सामान लेकर जा सकते हैं। वे मकान के आसपास ही शरण लिए हुए हैं। जो लोग राहत शिविरों में रुके हैं वे भी सुबह से लेकर शाम तक अपने घर के हालात देखने के लिए चक्कर लगाते रहते हैं। अधिकतर लोग कुछ कपड़े लेकर घर में सामान छोड़कर निकल आए हैं।
चिंता में डूबे लोग
घर में तीन दिन पहले पानी भर गया। बैठने तक की जगह नहीं रह गई। प्रशासन के लोग पहुंचे और उनकी मदद से राहत शिविर में ठहरे हुए हैं। यहां पर खाने-पीने और रुकने की व्यवस्था है।
- साबिरा
- नदी किनारे बने घर में पानी भर गया। सांप-कीड़े निकलने लगे। घर में रुकने की जगह नहीं रह गई। मोहल्ले वालों की मदद से घर छोड़कर परिवार के साथ राहत शिविर में रह रहे हैं।
- रोली
खन्नौत नदी में तेजी से पानी बढ़ रहा है। पिछले साल जैसे हालात हो रहे हैं। पिछले वर्ष पूरा मकान बाढ़ में ढह गया था। फिर से रहने भर का निर्माण कराया था, लेकिन फिर से बाढ़ का पानी भर गया है।
- फूलबाबू, लोदीपुर
नदी में पानी बढ़ने पर बारिश की वजह से फंसे रहे। तीन दिन पहले किसी तरह से लोगों की मदद से बच्चों के साथ घर से निकले हैं। सामान घर में ही छोड़ दिया है। आश्रय स्थल में शरण ली है।
- डौली, लोदीपुर
लगातार नदियों के जलस्तर बढ़ने पर नजर रखी जा रही है। अधिकारी लगातार भ्रमण कर रहे हैं। शरणालयों में लोगों के रुकने और खाने की व्यवस्था कर दी गई है। निगरानी टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं।
- अरविंद कुमार, एडीएम एफआर
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रामगंगा ने शुरू किया कटान
परौर। नारायण नगर में रामगंगा नदी ने कटान तेज कर दिया है। बृहस्पतिवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। परक्यूपाइन स्टैंड डालकर कटान रोकने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर ने अपनी टीम के साथ परौर के मजरा नारायण नगर में कटान क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मोहनपुर और नारायण नगर में कटान रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। संवाद
साबिरा, लोदीपुर।
साबिरा, लोदीपुर।
साबिरा, लोदीपुर।
साबिरा, लोदीपुर।
साबिरा, लोदीपुर।
साबिरा, लोदीपुर।