शाहजहांपुर के मिर्जापुर क्षेत्र में चौंरा-कमथरी मार्ग का कटान करती गंगा की तेज धारा। संवाद
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शाहजहांपुर। पिछले 24 घंटे से कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर स्थिर है और इस वजह से मिर्जापुर क्षेत्र के तटवर्ती गांवों के लोगों की बाढ़ से जुड़ी दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। उधर, रामगंगा के जलस्तर में शुक्रवार को भी चार सेमी की कमी दर्ज की गई, लेकिन पानी उतरने के साथ ही जैतीपुर के केसीनगला से लेकर परौर क्षेत्र तक कई तटीय गांवों में भूमि कटान की रफ्तार फिर बढने लगी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार शहर के समीप बीते दिन की तुलना में गर्रा 15 सेमी कम होकर 146.05 मीटर और खन्नौत 35 सेमी घटकर 142.95 मीटर पर बह रही है, लेकिन शुक्रवार को हुई बारिश के कारण देर रात तक खन्नौत का जलस्तर बढने के आसार हैं।
शुक्रवार शाम तक गंगा का जलस्तर स्थिर होने के कारण मिर्जापुर क्षेत्र में सड़कों और रास्तों पर बाढ़ का पानी वेग के साथ बह रहा है। गंगा के खादर में बाढ़ से खरीफ फसलों को भारी क्षति पहुंची है। कलान के एसडीएम रमेश बाबू ने बाए़ प्रभावित गांवों का जायजा लेने के बाद कई दिन से बाढ़ में घिरे आजादनगर के 116 प्रभावित परिवारों को शीघ्र खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित कराने का आश्वासन दिया है। गंगा के खादर में बसी ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी के मजरा आजादनगर और इसी गांव से लगभग 100 मीटर दूर फर्रुखाबाद जिले के गांव कमथरी व चितार एक सप्ताह से पूरी तरह बाढ़ से घिरे हैं। इसी ग्राम पंचायत के मजरा इस्लाम नगर का दक्षिणी भाग तथा मस्जिद नगला का पूर्वी भाग भी बाढ़ से जलमग्न हो गया है।
आजाद नगर, इस्लामनगर, मस्जिद नगला, कमथरी, चितार, कटैला नगला, पैलानी, लुहार नगला आदि गांवों के खेतों में खड़ी उर्द, तिल और शकरकंद की फसल बाढ़ में डूब जाने से नष्ट हो गईं हैं। पैलानी उत्तर के प्रधान पति फारूक अली और इस्लाम नगर निवासी रिजवान अहमद ने बताया कि एसडीएम रमेश बाबू ने शनिवार तक सर्वाधिक प्रभावित आजादनगर के परिवारों को बाढ़ राहत सामग्री उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। सिंचाई विभाग के कनिष्ठ लिपिक शिवकुमार के अनुसार उत्तराखंड के अन्य बैराजों से रामगंगा में जा रहे पानी की मात्रा कम नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि बदायूं के कछला घाट पर गंगा का जलस्तर 38 सेमी कम हो गया है।