जलालाबाद में नाव पर सवार होकर रामताल की नाप करने जाते राजस्वकर्मी
- फोटो : SHAHJAHANPUR
जलालाबाद। राजस्व विभाग की शनिवार को गठित की गई आठ सदस्यीय टीम ने परशुराम मंदिर के सामने रामताल के रकबे की नापजोख की। टीम के सहयोग के लिए पालिकाकर्मी भी मौजूद रहे। टीम द्वारा रामताल किनारे विभिन्न लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को भी चिह्नित किया। टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासन अगली कार्रवाई करेगा।
भगवान परशुराम की जन्मस्थली पर्यटक स्थल घोषित होने के बाद नगर के मोहल्ला खेड़ा में स्थित परशुराम मंदिर तक श्रद्धालुओं के पहुंचने के लिए चौड़ा व सुलभ रास्ता मुहैया कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। दो दिन पहले यहां एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर रास्ते के लिए जगह की उपलब्धता के अनुरूप प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए थे। इनमें एक रास्ता रामताल रोड से जबकि दूसरे रास्ते से मंदिर को गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की योजना है।
लोगों की शिकायत है कि रामताल के पश्चिम तथा दक्षिण दिशा में ताल की जमीन पर अवैध कब्जे हैं। इसको लेकर पहले भी रामताल की नाप हुई थी और करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा कब्जेदारों को नोटिस जारी किए थे। एडीएम के निर्देश के बाद तहसीलदार ने शनिवार को आठ सदस्यीय राजस्वकर्मियों की टीम गठित कर रामताल की नाप करवाई। तहसीलदार चमन सिंह ने बताया कि टीम को रामताल के रकबे की नाप कर इसके किनारे किए गए अवैध कब्जों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।