जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए सीटों के अनंतिम आरक्षण की घोषणा कर दी गई है। इससे कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल है। आरक्षण के बाद नेता अपनी गोटियां फिट करने में जुट गए हैं। कुछ स्थानों से आपत्तियां दाखिल करने की तैयारी भी की जा रही है।
पुवायां ब्लाक में जिला पंचायत की तीन सीटें हैं। तीनों सीटें अनारक्षित रखी गई हैं। इससे सभी सीटों पर तगड़ा मुकाबला होने की संभावना है। वर्तमान में पुवायां में राकेश यादव, प्रद्युम्न शंकर शुक्ला और दलजीत सिंह सदस्य हैं। खुटार में प्रथम सीट अनारक्षित, जबकि द्वितीय सीट अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। खुटार की एक सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता रजनीश दीक्षित जिला पंचायत सदस्य है, जबकि दूसरी सीट से सतीशचंद्र वर्मा सदस्य हैं। वर्तमान ब्लाक प्रमुख मनोज त्रिवेदी खुटार प्रथम सीट से चुनाव की तैयारी काफी समय से कर रहे हैं। यहां से रजनीश दीक्षित भी चुनाव लड़ सकते हैं। खुटार द्वितीय से पिछड़े वर्ग के कई लोग चुनाव की तैयारी में थे। होर्डिंग आदि भी लग चुके थे, लेकिन सीट अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित होने से पिछड़े वर्ग के लोगों को करारा झटका लगा है।
बंडा में पहले जिला पंचायत की तीन सीट थीं। इस बार चार सीटें हैं। बंडा प्रथम अनारक्षित रखी गई है, जबकि दो और तीन अनुसूचित जाति और चार अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। इससे सामान्य और पिछड़ा वर्ग के लोगों को करारा झटका लगा है।
पुवायां तहसील के वर्तमान
प्रमुखों का सपना भी टूटा
पुवायां। पुवायां में अनुराग सिंह, खुटार में मनोज त्रिवेदी, सिंधौली में सीमा सिंह ब्लाक प्रमुख हैं। यह सीटें सामान्य और महिलाओं के लिए आरक्षित थीं। बंडा की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए थी। तौलेराम वर्मा यहां से ब्लाक प्रमुख हैं। इस बार इन सीटों का आरक्षण बदल गया है। पुवायां की ब्लाक प्रमुख सीट पिछड़ा वर्ग महिला, बंडा की अनारक्षित, खुटार की पिछड़ा वर्ग महिला, सिंधौली की पिछड़ा वर्ग के आरक्षित की गई है। इससे वर्तमान ब्लाक प्रमुखों का फिर से प्रमुख बनने का सपना टूट गया है। बंडा की सीट सामान्य घोषित होने से यहां तगड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
सुबह ही ब्लाकों में आ डटे लोग
पुवायां। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत का चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग सीटों का आरक्षण देखने के लिए सुबह होते ही संबंधित ब्लाकों में आ पहुंचे और सूची देखी। सूची देखने के बाद कई के चेहरे उतर गए, तो कई ने आरक्षण को बिल्कुल सही ठहराया। अनंतिम सूची पर आपत्ति दाखिल करने के लिए लोग पंचायत सचिव और बीडीओ आदि से जानकारी लेते देखे गए।
ब्लॉक प्रमुख पर महिला
का चुना जाना तय
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। ब्लाक प्रमुख पद पर इस बार हुए आरक्षण में महिला का प्रमुख चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य पद पर मिर्जापुर प्रथम पिछड़ा वर्ग, द्वितीय महिला तथा तृतीय सीट पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित की गई है। वर्ष 2010 के चुनाव में ब्लाक प्रमुख व दो जिला पंचायत सदस्य पद अनारक्षित थे।
एडीओ(पंचायत)अब्दुल अतीक सिद्दीकी ने बताया कि जिले से क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए प्राप्त आरक्षण सूची के अनुसार ब्लाक के कुल 73 क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों मे 43 पद आरक्षित हैं। इनमे तीन पद अनुसूचित जाति की महिला,छह अनुसूचित जाति, सात पिछड़ा वर्ग की महिला,12 पिछड़ा वर्ग तथा 15 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए ग्राम पंचायत मिर्जापुर मे वार्ड संख्या 1 व 2 तथा 3 व 4 अनारक्षित,5 व 6 अनुसूचित जाति,7 व 8 अनारक्षित,9 व 10 तथा 11 व 12 अनारक्षित महिला और 13,14 व 15 वार्ड से अनुसूचित जाति के क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने जाने के लिए आरक्षित हुए हैं।
आरक्षण चार्ट जारी होने से उमड़ी भीड़
खुदागंज (ब्यूरो)। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत का आरक्षण चार्ट जारी होने से चुनाव लड़ने वाले संभावित प्रत्याशियों की विकास खंड मुख्यालय पर भीड़ उमड़ पड़ी। विकास खंड मुख्यालय पर जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत के आरक्षण चार्ट का एडीओ पंचायत आरएस यादव द्वारा प्रकाशन करके सूची ब्लाक मुख्यालय पर चस्पा कर दी गई। ब्लाक खुदागंज का प्रथम वार्ड अनारक्षित, द्वितीय वार्ड अनारक्षित महिला, तृतीय वार्ड अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित किया गया है। वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्यों का भी आरक्षण चार्ट जारी कर दिया गया है। उक्त पर चार दिन के अंदर आपत्तियां मांगी गई हैं। आरक्षण चार्ट देखने के लिए ब्लाक पर तमाम संभावित प्रत्याशियों की भीड़ जमा हो गई।
सत्ता के दबाव में कराना चाहती है पंचायत चुनाव
खुदागंज (ब्यूरो)। भाजपा के पूर्व विधानसभा क्षेत्र प्रत्याशी सुधीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार के द्वारा पंचायत चुनाव संवैधानिक नहीं। सत्ता के दबाव में जबरन कराना चाहती है। उन्होंने ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायत अधिनियम के विपरीत जिला पंचायत और ग्राम पंचायत के चुनाव अलग-अलग नियम विरुद्ध कराना चाहती है। इस व्यवस्था के विरुद्ध कई लोगों ने हाईकोर्ट में याचिकायें दायर हुई, जिसकी सुनवाई होते ही पंचायत चुनाव पर एक बार फिर रोक लगेगी।