गांव नवदिया नवाजपुर में चल रहे रुद्र महायज्ञ में रामायणी प्रवक्ता मृदुल
जी ने बुधवार को कृष्ण-सुदामा की कथा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कथा
सुनाते हुए उन्होंने कहा कि बेहद गरीबी में जीवन यापन कर रहे सुदामा की
पत्नी ने उनसे भगवान कृष्ण के यहां जाकर कुछ मांगने को कहा, जिससे गरीबी
दूर हो सके। मित्र के यहां जाने पर सुदामा कुछ मुट्ठी चावल लेकर
द्वारिकापुरी पहुंचे। द्वारपालों ने जब भगवान कृष्ण को बचपन के सखा सुदामा
के आने की सूचना दी तो श्रीकृष्ण नंगे पैर ही भाग खड़े हुए और मित्र के
पैरों को आंखों के जल से ही धो डाला।
इसके बाद भगवान ने सुदामा से चावल
छीनकर खा लिए और उन्हें समस्त वैभव प्रदान किया। कथा के दौरान सुंदर भजन
सुनकर श्रोता झूम उठे। यज्ञ और कथा 23 जनवरी तक चलेगी। आयोजन में गांव के
तमाम लोग सहयोग कर रहे हैं।