शाहजहांपुर। पंजाबी महासभा ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रमानुसार पितृपक्ष के अंतिम दिन शनिवार को गर्रा और खन्नौत मोक्षधाम पर लावारिस रूप में रखीं उन अस्थियों को विधि-विधान से घटियाघाट गंगाजी में विसर्जित कर दिया, जिनके परिजन दाह संस्कार के बाद उन अस्थि कलशों को लेने नहीं आए थे।
पंजाबी महासभा के अध्यक्ष विजय तुली ने बताया कि मोक्षधाम में रखे अस्थि कलशों को ले जाने के लिए कई बार मृतकों के संबंधित परिजनों को सूचित भी किया था, लेकिन वह लोग अस्थि कलश लेने नहीं आए। लिहाजा महासभा प्रबंध समिति के निर्णय के अनुसार शनिवार को एक वाहन से सभी अस्थि कलश फर्रूखाबाद स्थित घटियाघाट गंगाजी में पूरे आदर-सम्मान और पुरोहित द्वारा मंत्रोच्चार के साथ अस्थियों को विसर्जित कर दिया गया। अध्यक्ष तुली ने बताया कि अस्थि विसर्जन में समिति की ओर से उनके साथ प्रेम नारंग, चंद्र प्रकाश गुलाटी, राजपत राय बत्रा, सुनील गुप्ता, रवि खुराना, कृष्ण गोपाल बिन्नू, जगदीश गांधी, जसवंत सिंह, कपिल सहगल आदि शामिल रहे।
पितृपक्ष के अंतिम दिन नदी में किया तर्पण, भंडारे भी हुए
शाहजहांपुर। पितृपक्ष के अंतिम दिन नगर में कई स्थानों पर भंडारे हुए। वहीं, कुल लोगों ने दही-जलेबी भी बांटीं। खन्नौत घाट (हनुमत धाम) पर लोगों ने जलदान कर पितरों को तृप्त किया। घरों में भी लोगों ने परंपरागत ढंग से जलदान कर ब्राह्मणों और मान्यों को भोजन कराकर आशीर्वाद लिया।
पूर्वांचल महासभा की ओर से खिरनीबाग में भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। अध्यक्ष वेद प्रकाश रावत और महासचिव विपुल प्रसाद के नेतृत्व में सतीश चंद्र मिश्रा, वीरेंद्र राय, पुष्पकीर्ति, राम बहादुर सक्सेना, शोक मनचंदा, महेंद्र गुप्ता, सुबोध रावत, उपेश रावत आदि ने सहयोग किया। उधर, चौक में पितृपक्ष में प्रत्येक दिन मां फूलमती मंदिर के समीप भंडारा चलाया गया, जिसमें राहगीरों ने प्रसाद छका। अंतिम दिन अमावस्या पर मंदिर में लगने वाले पारंपरिक मेले में दूर-दूर से श्रद्धालु आए।