शाहजहांपुर। जलालाबाद के फायर सर्विस के रिक्रूट फायरमैन अपने फायर सर्विस सेकेंड अफसर (एफएसएसओ) विश्वास मलिक से इतना परेशान हो गए हैं कि तनाव के चलते नौकरी छोड़ने और आत्महत्या जैसा कदम उठाने की चेतावनी दे रहे हैं। रिक्रूट फायरमैनों ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी को पत्र भेजकर दर्द बयान किया। रिक्रूटों ने शौचालय साफ कराने और जूठे बर्तन की सफाई समेत कई आरोप लगाए हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
रिक्रूट फायरमैनों ने बगैर नाम लिखे सीएफओ को पत्र भेजा है कि उनका शोषण किया जा रहा। इससे उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। आरोप लगाया कि एफएसएसओ सारे गैरकानूनी कार्य करने के कारण रिक्रूट फायरमैनों की नौकरी जाने का खतरा बना हुआ है। वह चालक को झूठ बोलकर बलपूर्वक बरेली के लिए बिना रवानगी के गाड़ी व्यक्तिगत कार्य के लिए ले गए थे।
रिक्रूटों का आरोप है कि उन्हें प्रतिदिन शौचालय, नहाने के लिए पानी की व्यवस्था करने और बर्तन धोने का दबाव डाला जाता है। शौचालय टैंक को साफ करने का आदेश दिया जाता है। इनकार करने पर झूठा तस्करा डालने की धमकी दी जाती है। पेट्रोल पंप से ज्यादा की पर्ची लेकर गाड़ी में कम तेल भरवाने, बार-बार अपशब्दों का प्रयोग करने, कार्यालय में होम थियेटर को तेज आवाज में बजाने, बार-बार कर्मचारियों को फोन कर परेशान करने समेत कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
जलालाबाद के फायर सर्विस केंद्र का पूरा मामला संज्ञान में है। रिक्रूट फायरमैन विद्यार्थी जीवन से आते हैं। यहां उन्हें अनुशासन में रहने को कहा जाता है। रिक्रूटों के लगाए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। -रेहान अली, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
नए लड़के अंडर ट्रेनिंग हैं। अभी ढंग से ट्रेनिंग भी शुरू नहीं हो सकी है। उनसे परिसर की साफ-सफाई करने के लिए कहा गया तो गुमनाम चिट्ठी वायरल कर दी। चिट्टी में जितने भी आरोप लगे हैं, वे निराधार हैं। हमारी छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा। मामले की जांच चल रही है। बयान भी हो गए हैं। -विश्वास मलिक, फायर सर्विस सेकेंड अफसर जलालाबाद