शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश अपर्णा त्रिपाठी ने जानलेवा हमला के एक मुकदमे में दो सगे भाइयों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जलालाबाद क्षेत्र के नया गांव महसूल निवासी मुनीश चंद्र ने 21 नवंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके गांव के रिंकू सिंह और उसका भाई पिंकू सिंह कुख्यात अपराधी हैं। दोनों भाइयों ने उससे दो लाख की रंगदारी मांगी थी। 21 नवंबर की शाम को रिंकू और पिंकू अपने साथियों के साथ उसके दरवाजे पर आए और असलहों से फायरिंग की। फायरिंग में वह बाल-बाल बच गया।
धमकाया कि सात दिन के अंदर रंगदारी नहीं देने पर उसे जान से मार देंगे। पुलिस ने रिंकू, पिंकू और सात अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। विवेचना के बाद दोनों भाइयों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा गया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने पिंकू और रिंकू को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर नौ-नौ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।