बंडा। श्री रामलीला मेले में बुधवार को वृंदावन से आए कलाकारों ने नाट्य मंडली के निर्देशक श्रवण कृष्ण और संदीप कृष्ण के मार्गदर्शन में हनुमान जी द्वारा लंका दहन, लक्ष्मण जी को शक्ति लगने और मेघनाद, कुंभकर्ण और रावण के वध के प्रसंगों का मंचन किया। इस दौरान मेले में आए लोगों में पुतले की लकड़ियां और बांस के टुकड़े बीनने की होड़ लगी रही। संवाद
भारत मिलाप की लीला का मंचन
तिलहर। मोहल्ला दोदराजपुर के मेला मैदान पर रविवार से स्थगित रामलीला का मंचन बुधवार शाम से दोबारा आरंभ हो गया। अयोध्या धाम से आए कलाकारों ने चित्रकूट में ठहरे भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ भाई भरत के मिलन का मंचन किया। मेला समिति के संरक्षक कमलेश गुप्ता, प्रबंधक रवि खन्ना, अध्यक्ष हितेश कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष सौरभ गुप्ता रवि, संयोजक सोनू खन्ना आदि का सहयोग रहा। संवाद
धूमधाम से निकली भगवान श्रीराम की बरात
अल्हागंज। मोहल्ला दखिनौआ स्थित मेला मैदान पर चल रही रामलीला के तहत कलाकारों ने सीताजी के स्वयंवर की लीला का मंचन किया। बाद में बुधवार देर शाम झांकियों से सुसज्जित भगवान श्रीराम की बरात निकाली गई। काली व किन्नर अखाड़े आकर्षण का केंद्र रहे। कई मोहल्लों में पुष्पवर्षा कर बरात का स्वागत किया गया। व्यवस्था में मेला कमेटी के संयोजक रामलखन मिश्रा, प्रबंधक गौरव गुप्ता, उप प्रबंधक अवधेश मिश्रा, सह संयोजक शुभम गुप्ता, रमेश चंद्र अग्निहोत्री आदि का सहयोग रहा। संवाद
गंगा के विवाह का प्रसंग सुनाया
सेहरामऊ दक्षिणी। भरगवां गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को कथावाचक रामजीत महाराज ने मां गंगा के विवाह का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि हस्तिनापुर के राजा शांतनु को गंगा से प्यार हो गया था। उन्होंने अपनी इच्छा गंगा जी को बताई। इस पर गंगा ने शर्त रखी कि विवाह के बाद वह उन्हें किसी कार्य के लिए रोकेंगे नहीं। बाद में शांतनु से विवाह करके गंगा ने उनके कई पुत्र नदी में बहा कर स्वयं में समाहित कर लिए। राजा शांतनु ने आठवें पुत्र को बहाने से रोका और उस पुत्र को भीष्म पितामह के रूप में जाना गया। कथा श्रवण में हरद्वारी लाल वर्मा, डॉ. राम रहीस वर्मा, राम सेवक आदि शामिल रहे। संवाद
नारद जी के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन
सिंधौली। नखासा मैदान पर चल रही रामलीला में बुधवार को वृंदावन धाम से आए श्री मुरली गोपाल दर्शन मंडल के संचालक कौशल कृष्ण के निर्देशन में कलाकारों ने नारद जी के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया। इस अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष रामाधार सिंह यादव, उपाध्यक्ष वासुदेव मिश्रा, वीरपाल यादव, कृष्ण मोहन मिश्रा, शिव शरण पांडेय, राजीव वर्मा आदि व्यवस्थाओं में लगे रहे। संवाद