नवागत जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम को प्रभावी तरीके से लागू कराने के लिए बृहस्पतिवार को गांधी भवन सभागार में खाद्यान्न गोदाम प्रभारियों और कोटेदारों की बैठक लेकर उन्हें ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करने का पाठ पढ़ाया। राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर डीएम आनंद ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि जांच में कोई गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने के साथ उनके घर-मकान कुर्क करा दिए जाएंगे। सभागार में मौजूद पीडीएस सिस्टम से जुड़े कोटेदारों समेत गोदाम प्रभारियों, केरोसिन डिपो प्रबंधकों और संबंधित अधिकारियों से सीधा संवाद करते हुए डीएम विभाग की शिकायतों को लेकर बेहद संजीदा दिखे। बोले, बीपीएल श्रेणी के जिले में ढाई लाख परिवारों समेत पांच लाख कार्डधारकों को राशन वितरण शासन की सर्वोच्च महत्व की योजना है और इससे किसी तरह का खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कभी कोटेदारों तो कभी गोदाम प्रभारियों को योजना से जुड़ी खामियों का आइना दिखाते हुए कहा कि पीडीएस से जुड़कर यदि स्वयं को प्रशासन का अंग मानते हैं तो सरकार की इच्छा के अनुरूप काम करें। अन्यथा की स्थिति में संबंधितों को प्रशासन की राह में रोड़ा मानते हुए बख्शा नहीं जाएगा। ईमानदारी और पारदर्शिता से काम करने वाले कोटेदारों की हरसंभव मदद की जाएगी, लेकिन 40 करोड़ की खाद्य सब्सिडी में एक पैसे की गड़बड़ी सहन नहीं होगी।
दस दिन के काम में कैसे लगे दो साल
राशन कार्डों को ऑनलाइन किए जाने के काम में बरती जा रही ढिलाई पर करारी चोट करते हुए डीएम आनंद के इस सवाल पर सभागार में सन्नाटा पसर गया कि खाद्य सुरखा अधिनियम लागू होने के बाद दो साल से यह काम अभी तक पूरा क्यों नहीं हुआ। इसका स्वयं जवाब देते हुए डीएम ने हिदायत दी कि आरोप लगाकर एक-दूसरे पर दोषारोपण करके गरीबों को परेशान करना बंद कर दें, वरना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सभी कोटेदार स्वयं कार्ड धारकों से संपर्क करके उनके मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर दस अप्रैल तक कंप्यूटरों में फीड कराएं। ऐसा नहीं करने पर संबंधित राशन दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।
सुबह आठ से शाम पांच बजे तक खुलेंगी दुकानें
डीएम ने राशन के समय से उठान और निर्दिष्ट तिथियों में आवश्यक वस्तुओं के वितरण पर जोर देते हुए कहा कि गोदाम प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि बोरे में एक किलो खाद्यान्न भी कम नहीं निकलना चाहिए। उन्होंने कोटेदारों को निर्देश दिया कि नियत तारीखों में राशन वितरण करने के बाद भी रोजाना सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक दुकान अनिवार्य रूप से खोलें, जिससे कि कोई भी कार्डधारक राशन पाने से वंचित नहीं रहे। डीएम ने कहा कि राशन के उठान से लेकर वितरण तक वह स्वयं और अन्य प्रशासनिक अधिकारी गोदामों, दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। बैठक में सीडीओ पुलकित खरे, एडीएम मुनेंद्र नाथ उपाध्याय व पीके श्रीवास्तव, डीएसओ विजय प्रभा, सभी एसडीएम आदि मौजूद रहे।