दो दिनों से हो रही बारिश ने लोगों को परेशान कर दिया है। बादल छाए रहने और बूंदाबांदी होने से किसान, व्यापारी, दुकानदारों सहित अधिकांश वर्गों के लोग बारिश होने से परेशान नजर आए। इससे बाजारों में सन्नाटा नजर आया।
होली के एक सप्ताह पहले से ही बाजारों में होली की तैयारियों से संबंधित खरीददारी शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार रिमझिम बारिश लगातार होने से लोग घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। इससे न केवल आम लोगों को निराशा है, बल्कि दुकानदार भी खासे परेशान हैं। अब हर कोई मौसम के खुलने का इंतजार कर रहा है, जिससे होली की तैयारियों को सही ढंग से किया जा सके।
सुबह के वक्त मौसम खुलने के कुछ आसार नजर आए। सूर्यदेव के दर्शन होने के बाद लोगों में धूप खिलने की उम्मीद जागी, लेकिन कुछ ही घंटों के बाद बदले मौसम ने फिर से करवट बदल ली। बादल छाए और टिपटिप बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में टिपटिपाना बंद हुआ तो फुहार गिरने लगी। इस मौसम में किसान खेतों में पलटी हुई फसल को सही भी नहीं कर पा रहा है। इससे फसलों को काफी नुकसान हो रहा है।
मौसम विश्लेषक मनमोहन सिंह के अनुसार सोमवार को बहुत मामूली बारिश हुई है, जो रीडेबल नहीं है। बताया कि मौसम में आए बदलाव की वजह से अधिकतम तापमान करीब सात डिग्री सेल्सियस घटकर 20.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी 14.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
ऐसा रहा मौसम तो कम बिकेगा रंग-गुलाल
रंग-गुलाल, पिचकारी, कपड़े और पापड़-कचरी की दुकान लगाने वालों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंची हुई नजर आ रही हैं। वहीं दिन भर टिप-टिप और रिमझिम बारिश से आम जनजीवन त्रस्त हो गया। दुकानदार भी मान रहे हैं कि होली तक यदि ऐसा मौसम रहा तो उन लोगाें का रंग-गुलाल बहुत कम बिकेगा।
बारिश होने से नई सड़कें भी टूटी
शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने के लिए नगर पालिका परिषद की ओर से कई सड़कें बनवाई गई थीं। बेमौसम हुई बारिश से शहर में तमाम स्थानों पर सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं। इससे पैदल राहगीरों और वाहन चालकों को खासी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।