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बारिश से कई फसलों को भारी क्षति

Sun, 01 Mar 2015 11:08 PM IST
शाहजहांपुर
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जिले के ग्रामीण अंचल में रविवार को हुई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों के चेहरे का रंग उड़ा दिया है। बारिश और हवा से गेहूं, आलू, सरसों, मसूर आदि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही सर्दी फिर से लौट आई है।
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पुवायां। रविवार तड़के तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। जमीन गीली होते ही गेहूं की फसल खेतों में गिर गई। फसल गिर जाने से गेहूं का दाना सूख कर पतला हो जाने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका से किसान परेशान हो उठे हैं। इसके अलावा खेतों में खुदा पड़ा आलू भी पानी भर जाने से सड़ने की आशंका है। कोल्ड स्टोरों के बाहर आलू से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लंबी लाइन लगी है, आलू भंडारण में किसान को भारी परेशानी हो रही है। इस कारण शनिवार को खुटार क्षेत्र में आलू दो रुपये किलो तक बिका। बारिश ने पकी खड़ी सरसों और मसूर की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। बादलों की गड़गड़ाहट से ओले गिरने की आशंका से भी किसान सहमे हुए हैं।
मीरानपुर कटरा। शनिवार रात से शुरू हुई बारिश ने कस्बे में जगह-जगह कीचड़ की समस्या खड़ी कर दी है। कीचड़ की वजह से लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। खासकर कटरा-खुदागंज रोड की हालत इस कदर बदतर हो गई है कि लोगों को निकलने में नाको चने चबाने पड़ रहे हैं। उधर, सुबह से चली तेज हवा ने गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में खड़ी किसानों की लहलहाती फसल की दुर्दशा ने किसानों की पेशानी पर बल डाल दिए है।
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खेड़ा बझेड़ा। रविवार को लगातार तेज हवा के साथ हो रही बरसात से हजारों एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। पहले तो किसानों को सूखे की मार झेलनी पड़ी और आज दूसरी बार बड़ी डीजल पर महंगाई इससे किसानों को सिर्फ  बर्दाश्त करने के सिवा कुछ नहीं बचा। पहले तो पानी और फिर हवा का प्रकोप इससे क्षेत्र के बझेड़ा भगवानपुर,खेड़ा रठ, अगरोली, नवादा, मरुआ झाला, नौगवां, बिहारीपुर, मरेना, भिटारा, बहानपुर, बिनौरा, धीमरपुरा, कुनिया, महमूदापुर,बंडिया जल्लापुर, रुद्रपुर, डभौरा, गौहावर, केशवपुर आदि गांवों में किसानों की रोटी छिन गई है।
मिर्जापुर। शनिवार की रात से लगातार हो रही बारिश से आम आदमी की जिंदगी मानों थम सी गई है। मौसम की खराबी से बाजार में सन्नाटा है। बारिश और तेज हवा से फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। पारा नीचे आ जाने से फाल्गुन के महीने मे माघ-पूस जैसी ठंड का एहसास हो रहा है। सर्दी से बचाव के लिए बुर्जुगों को अलाव का सहारा लेना पड़ गया है।
इस बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर तो पानी ही फेर दिया है। गेहूं व सरसों की फसल बारिश और तेज हवा मे गिर जाने से भारी नुकसान हो गया है। आलू की फसल मे जलभराव हो जाने से आलू खेत मे ही सड़ने लगा है। बारिश से गांवों मे सरकारी सफाई व्यवस्था की तो पोल ही खुल गयी है। महीनों से नालियों की सफाई नहीं होने से गंदगी सड़क और गांव के गलियारों में बह रही है। इससे लोगों को निकलना मुश्किल हो रहा है। गांवों मे तैनात सफाईकर्मी ग्राम प्रधानों के यहां बेगार करके वेतन ले रहे हैं।

सड़क पर कीचड़ ने निकलना किया दूभर
कस्बे में बेमौसम बारिश से बदायूं-फर्रूखाबाद व बहरिया-ढाईघाट रोड जलमग्न हो गए हैं। रोड के दोनाें तरफ बनी नालियों की कीचड़ सड़क पर आ जाने से लोगों का पैदल निकलना मुश्किल हो रहा है। वाहनों के आवागमन से उछलती कीचड़ जहां आने जाने वालों को सराबोर कर रही है, वहीं होली पर सजी दुकानों में कीचड़ भर जाने से दुकानदारों का माल खराब हो रहा है।
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