शाहजहांपुर। भीषण गर्मी और उमस से तपते जनजीवन पर शनिवार रात से शुरू हुई बारिश राहत बनकर बरसी। रात में उमस के कारण न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री बढ़कर 30.6 डिग्री सेल्सियस हो गया। बाद में बारिश के साथ ठंडी पुरवाई के झोंके चले तो रविवार को दिन में अधिकतम तापमान 3.4 डिग्री घटकर 32.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार, बारिश से धान की रोपाई तेज होने के साथ अन्य फसलों को भी लाभ होगा। अभी बादल छाए रहेंगे, आज भी बारिश का पूर्वानुमान है।
शनिवार रात 11 बजे तक मौसम शुष्क बना रहा। बादल छाए रहने से उमस का प्रकोप भी चरम पर पहुंच गया। इसी के साथ बारिश होने के संकेत मिलने लगे। आधी रात से गरज और चमक के साथ रिमझिम फुहारें गिरनी शुरू हो गईं। बारिश का क्रम सुबह आठ बजे तक बना रहा। इस बीच 13.4 मिमी वर्षा हो गई। इससे रविवार की सुबह काफी खुशनुमा हो गई। दिन में भी बादल छाए रहे। शाम तक कई बार रुक-रुककर 15.8 मिमी पानी और बरस गया।
शनिवार रात से रविवार शाम चार बजे तक 29.2 मिमी बारिश हो जाने से वातावरण में आर्द्रता बढ़कर 97 प्रतिशत हो गई। इससे हवा भी ठंडी चलने लगी। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार, दिन में पुरवाई की रफ्तार ज्यादा होने से बारिश उस अनुपात में नहीं हुई, जैसे घने बादल दिख रहे थे। उनका कहना है कि 48 घंटे से बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से नीचे बना हुआ है। दिन में वायुदाब सामान्य से सात अंक नीचे हो गया। इसलिए बादल छाए रहेंगे और सोमवार को भी बारिश की झड़ी लगी रहेगी।
तहवरगंज में जलभराव से निकलना दूभर
शाहजहांपुर। बारिश के बाद रविवार को शहर के मोहल्ला तहवरगंज के रास्ते पर जलभराव हो जाने से वहां के बाशिंदों का निकलना दूभर हो गया। लोगों के अनुसार, मार्ग पर इंटरलॉकिंग नहीं कराए जाने से बरसाती पानी रास्ते पर भर गया। कई बाइक सवार भी फिसलकर गिर गए।
विनोबा सेवा आश्रम वाली गली कच्ची होने से उस पर दलदल हो गया। मोहल्ले के राममूर्ति पाल, आशीष कुमार त्रिवेदी, स्नेह कुमार आदि ने बताया कि बीडीओ को लिखित रूप में सड़क की समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। ग्राम प्रधान भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। संवाद
किसानों के लिए वरदान साबित होगी मानसून की पहली बारिश
रविवार को दिन में शहरी क्षेत्र में बूंदाबांदी होने से सड़कों पर फिसलन बढ़ गई। ग्रामीण इलाकों में कुछ देर खूब बारिश हुई। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने मानसून की पहली बारिश को किसानों के लिए वरदान बताते हुए कहा कि इससे खरीफ की सभी फसलों और मौसमी सब्जियों को लाभ होगा।
उन्होंने बताया कि बारिश देर से होने के कारण तमाम किसानों ने नलकूप से अपने खेत पहले ही भरकर धान की पौध लगानी शुरू कर दी थी। जिले में धान की लगभग 30 से 35 फीसदी रोपाई हो चुकी है। जिन किसानों के धान लग गए हैं, उनके सिंचाई के खर्च में काफी बचत होगी। इसके अतिरिक्त ज्वार, बाजरा और मक्का के खेतों में नमी बढ़ने से यह सभी फसलें अब तेजी से बढ़वार लेंगी। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार- तोरई, मिर्च, भिंडी, टमाटर, खीरा आदि सब्जियों को भी बारिश लाभ देगी। उनका कहना है कि अभी इतनी बारिश नहीं हुई है कि किसानों को खेतों से पानी निकालना पड़े। संवाद
मामूली बारिश से निगोही के मुख्य मार्ग पर जलभराव
- हमजापुर, पुवायां और विद्युत उपकेंद्र के मार्ग भी हुए खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। मानसून की शुरुआत में मामूली बारिश होते ही निगोही कस्बे के बाजार और बस्ती को जाने वाले मुख्य मार्ग पर कई जगह जलभराव हो गया। मार्ग की हालत इतनी खराब हो गई है कि गड्ढों में सड़क तलाश करनी पड़ रही है। अब गड्ढों में पानी भर जाने से पैदल चलना मुश्किल हो गया है।
कस्बा के हमजापुर चौराहे से निकले लिपुलेख-भिंड हाईवे और पुवायां मार्ग से कस्बे को जोड़ने वाले मार्गों पर अनगिनत गड्ढे पानी से लबालब हो जाने से लोगों का बाजार और कस्बे के अंदर जाना कठिन हो गया है। इन गड्ढों में अक्सर ई-रिक्शे पलट जाते हैं और उनमें बैठे यात्री चोटिल हो जाते हैं। कई बाइक सवार भी घायल हो चुके हैं, लेकिन नगर पंचायत के जिम्मेदार लोगों का इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं है।
एक जुलाई से स्कूल खुलने पर सैकड़ों छात्र-छात्राएं भी मुख्य मार्ग पर गंदगी से होकर निकलेंगे। जामा मस्जिद गौस नगर को जाने का भी यही एक मात्र रास्ता है। हमजापुर चौराहे से हाइडिल से पीछे निकलने वाली गली की हालत भी बहुत खराब हो गई है और तेज बारिश में वहां कई फुट पानी भर जाता है।
कस्बे की मुख्य सड़क बनवाने के लिए शासन को तीन बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है। मार्ग की लंबाई ज्यादा होने के कारण शासन से स्वीकृति नहीं मिल रही है। स्वीकृति प्राप्त होते ही सड़क निर्माण का काम शुरू करा दिया जाएगा। -मनोज वर्मा, चेयरमैन, नगर पंचायत निगोही
हाईवे के गड्ढों में भरा बारिश का पानी, राहगीर परेशान
कांट। लिपुलेख-भिंड हाईवे को बरेली मोड़ से जलालाबाद के याकूबपुर तिराहा तक फोरलेन बनाने के लिए सड़क के दोनों ओर खोदाई करने से बने गड्ढों में शनिवार रात हुई बारिश का पानी भर गया है। इस वजह से राहगीरों और आसपास के दुकानदारों को खासी असुविधा हो रही है।
हाईवे को फोरलेन बनाने का कार्य नगर क्षेत्र और उसके आसपास काफी धीमी रफ्तार से चल रहा है। निर्माण कंपनी ने हाईवे को चौड़ा करने के लिए उसके दोनों ओर जेसीबी से खोदाई करा दी, लेकिन बाद में काम रोक दिया।
हाईवे के खोदे गए हिस्सों से वाहन निकलते रहने से वहां गहरे गड्ढे हो गए हैं। अब उन गड्ढों में पानी भर जाने से लोगों को उनकी गहराई का अहसास नहीं हो रहा है। पानी से भरे गड्ढों से होकर पैदल राहगीरों का निकलना कठिन हो गया है। अजय मौर्या, राशिद अली, सौरभ भारद्वाज, चांद मियां, शाकिर, अमीर हसन आदि दुकानदाराें ने प्रशासन से हाईवे के गड्ढों का बजरी-कोलतार से जल्द भराव कराने की मांग की है। संवाद
रविवार को हुई हल्की बारिश के दौरान खिरनीबाग चौराहे पर भीगी सड़कें। संवाद
रविवार को हुई हल्की बारिश के दौरान खिरनीबाग चौराहे पर भीगी सड़कें। संवाद
रविवार को हुई हल्की बारिश के दौरान खिरनीबाग चौराहे पर भीगी सड़कें। संवाद