रोजा में मालगाड़ी के वैगन का दरवाजा खुला होने की वजह से क्षतिग्रस्त हुआ प्लेटफार्म ।
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रोजा। मालगाड़ी के वैगन का दरवाजा खुला होने से रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे रोजा स्टेशन पर बड़ा हादसा होने से बच गया। दरवाजे की रगड़ से दस मीटर तक प्लेटफार्म उखड़ता चला गया। इस दौरान ईंटें उछलकर प्लेटफार्म पर गिरने से वहां खडे़ यात्रियों में भगदड़ मच गई। कुछ देर बाद दरवाजा टूटकर अलग हो गया और मालगाड़ी पूरी रफ्तार से गुजरती हुई निकल गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त प्लेटफार्म पर ज्यादा भीड़ नहीं थी वरना ईंटों की चपेट में आकर यात्रियों घायल हो सकते थे। हादसे की वजह मालगाड़ी स्टाफ की लापरवाही बताई जा रही है।
रविवार को सुबह 8:30 बजे डाउन लाइन पर बॉक्सर मालगाड़ी रोजा से रनथ्रू पास हुई, जिसके डिब्बे का एक दरवाजा खुला हुआ था। दरवाजा प्लेटफार्म नंबर दो से रगड़ने पर एकाएक प्लास्टर और ईंटें उखड़ने लगी। करीब 10 मीटर तक प्लेटफार्म टूटता चला गया। पत्थर उछलने और प्लेटफॉर्म पर बिखरने से ट्रेन का इंतजार कर रहे मुसाफिरों में भगदड़ मच गई। कुछ देर बाद मालगाड़ी के वैगन का दरवाजा टूटकर अलग हो गया। अगर ऐसा न होता तो लंबा प्लेटफॉर्म टूट जाता। जिस जगह प्लेटफार्म टूटा उसी के पास में फ्यूल पंप था, जिसके टूटने पर ट्रेन में डीजल भरने में परेशानी होती।
100 की रफ्तार से दौड़ती मालगाड़ी पलटती तो हो सकता था बड़ा हादसा
जरा सी लापरवाही रविवार को रोजा स्टेशन पर बड़े हादसे की वजह बन सकती थी। गनीमत रही कि वैगन का दरवाजा टूटने के बाद प्लेटफॉर्म पर गिर गया, यदि दरवाजा पटरी पर गिरता तो मालगाड़ी पलट भी सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो जाता क्योंकि मालगाड़ी रनथ्रू थी। ऐसे में इसकी रफ्तार करीब 100 किमी प्रति घंटा की रही होगी। इतनी तेज रफ्तार में मालगाड़ी पलटती तो बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी चपेट में आकर कई लोगों की जान भी जा सकती थी। बताते हैं कि मालगाड़ी पूरी रफ्तार में रोजा स्टेशन से गुजरती चली गई। इसके बाद कंट्रोल का सूचना देकर इसे बालामऊ स्टेशन पर रोका गया। उधर प्लेटफार्म क्षतिग्रस्त होने की सूचना पाकर अनिल कुमार नीरज मौके पर पहुंचे और उन्होंने सीनियर डीएमई को जानकारी दी। जिसके बाद प्लेटफार्म को ठीक कराया गया। दो नंबर रोजा जंक्शन का मुख्य प्लेटफार्म है, जिस पर दिनभर तमाम ट्रेनें 100 की स्पीड से निकलती है।
जिस मालगाड़ी के दरवाजे से रोजा जंक्शन का प्लेटफार्म टूटा था, उसको बालामऊ में रोका गया। ट्रेन पलटने और पटरी को नुकसान होने पर पीडब्लयूआई व दरवाजा खुला होने या फिर कुछ टूटने की स्थिति में जिम्मेदारी गैराज की होती है। इस घटना का किसे दोषी माना गया है, यह जानकारी नहीं है। मालगाड़ी खाली थी और उसमें मुरादाबाद का स्टाफ था।
- जेपी सिंह, स्टेशन अधीक्षक रोजा