राइस मिल स्वामियों के किसानों से साठा धान की सीधे खरीद करने से गुस्साए व्यापारियों ने सोमवार को मंडी गेट पर ताला डालकर मंडी अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों ने कहा कि धान खरीद मंडी से नहीं कराई गई तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। बाद में मंडी सचिव के अनुरोध पर ताला खोला गया।
मंडी समिति परिसर में आढ़त खोले व्यापारियों ने रविवार को ही आंदोलन की चेतावनी दी थी। सपा नेता रामू तिवारी ने कहा, मंडी अधिकारियों की मिलीभगत से कुछ राइस मिल स्वामी किसानों से सीधे साठा धान खरीद रहे हैं। बाद में इस धान को फर्जी रूप से मंडी से खरीदा दिखा दिया जाता है। मंडी में धान की आवक न होने से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। तमाम बार शिकायत के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कारण मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ रहा है।
सोमवार दोपहर तमाम व्यापारी मंडी गेट पर पहुंचे और तालाबंदी कर मंडी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जानकारी पाकर मंडी सचिव ब्रजभान मौके पर पहुंचे और व्यापारियों से वार्ता की। मंडी सचिव के अनुरोध पर व्यापारियों ने मंडी गेट का ताला खोल दिया और मंडी सचिव के कार्यालय में जाकर अपनी बात रखी। मंडी सचिव ने कहा कि फार्मों से खरीद के मामले में पांच राइस मिल स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि सात दिन में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी जाएंगी और बाहर खरीद करने वालों के लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। मंडी सचिव के कहा कि मंगलवार से ही मंडी में धान आने लगेगा। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि स्थित में सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वार्ता के दौरान रामू तिवारी, सुबोध उर्फ पंजू, राजाराम वैश्य, बड़कन्ने गुप्ता, संजीव गुप्ता, रामदास गुप्ता, राकेश शर्मा, विनोद मिश्रा, अनिल गुप्ता, मुनीश रस्तोगी, विमल राठौर, राजेश मिश्रा, सटल्ले मिश्रा आदि व्यापारी मौजूद रहे।