पुवायां (शाहजहांपुर)। सोमवती अमावस्या पर फर्रूखाबाद के घटिया घाट गए पुवायां के बिलसियां गांव निवासी तीन दोस्त गंगा में नहाते समय डूब गए। जबकि एक थोड़ी दूरी पर नहाते समय बच गया। सूचना मिलने पर फर्रुखाबाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तीनों को तलाश कर बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे का पता लगने के बाद तीनों के परिवारों में कोहराम मच गया।
पुवायां थाना क्षेत्र के गांव बिलसिया निवासी 18 वर्षीय प्रदीप कुमार यादव ने अपने चचेरे भाई उमेश कुमार यादव (27) के साथ सोमवती अमावस्या को गंगा स्नान का प्लान बनाया था। उमेश बंडा में सौर ऊर्जा पावर प्लांट में लाइनमैन हैं। प्रदीप ने अपने दोस्त गांव के परविंदर सिंह यादव (17) और उमेश ने अपने दोस्त विशाल यादव (27) को गंगा स्नान करने जाने के बारे में बताया, जिस पर वे भी तैयार हो गए। सोमवार सुबह सात बजे चारों युवक दो बाइकों पर घर से निकलने के बाद फर्रूखाबाद के घटिया घाट पहुंचे। सुबह करीब दस बजे फोन पर उमेश यादव ने घर सूचना दी कि विशाल, परविंदर और प्रदीप नहाते समय गंगा में डूब गए हैं। जबकि वह बाल-बाल बच गया है। सूचना पर तीनों युवकों के घर कोहराम मच गया। परिवार के लोग मौके के लिए रवाना हो गए। उमेश यादव के अनुसार प्रदीप, परविंदर और विशाल एक साथ स्नान रहे थे, वह कुछ दूरी पर था। अचानक तीनों गहरे पानी की ओर जाते दिखे। लग रहा था कि एक को बचाने के लिए दो ने उसे पकड़ने का प्रयास किया लेकिन खुद भी डूब गए। उमेश के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने युवकों को तेज धार में बहते देखा लेकिन जलस्तर ज्यादा होने के कारण कोई भी उनको बचाने का साहस नहीं कर सका। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से उनकी तलाश की और काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला, लेकिन तब तक प्रदीप, विशाल और उमेश ने दम तोड़ दिया था। फर्रूखाबाद पुलिस ने तीनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए हैं।
विशाल की 15 दिन पहले ही तय हुई थी शादी
- गोद भराई की हो चुकी थी रस्म, दो बहनों के बीच इकलौता भाई था विशाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पुवायां (शाहजहांपुर)। गांव बिलसिया के तीन घरों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीन घरों से एक-एक युवक की गंगा नदी में नहाते समय डूब कर मौत हो गई है। इसमें विशाल अपने मां, पिता का इकलौता पुत्र था। विशाल की दो बहने हैं। एक की शादी हो चुकी है। परिवार वालों ने बताया कि 15 दिन पहले ही विशाल की शादी तय हुई थी।
विशाल गांव गंगसरा में लगे सौर ऊर्जा पावर प्लांट में फील्ड वर्कर था। विशाल के पिता झनकार सिंह बीसलपुर में रहते हैं। मां ऊषा देवी गांव बिलसिया स्थित मायके में रह कर पुत्री को पढ़ा रही हैं। विशाल भी उनके ही पास रहता था। विशाल की बड़ी बहन शालू की शादी हो चुकी है। विशाल की मौत की जानकारी से घर में कोहराम मचा हुआ है। मां ऊषा देवी को इकलौते पुत्र की मौत का भरोसा ही नहीं हो रहा है।
ऊषा देवी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व विशाल की शादी जनपद लखीमपुर के थाना मैलानी के गांव खरेहटा से तय हुई थी। 15 दिन पूर्व लड़की देखने और गोद भराई की रस्म भी हो चुकी है। जल्द ही शादी भी होने वाली थी।
प्रदीप और परविंदर ने इसी वर्ष पास की थी हाईस्कूल परीक्षा
पुवायां। विशाल के साथ गंगा में डूबे प्रदीप और परविंदर सिंह यादव ने इसी वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। प्रदीप के पिता रूम सिंह यादव और मां पुष्पा देवी का पुत्र की मौत पर रो-रोकर बुरा हाल है। प्रदीप के बड़े भाई कुलदीप, छोटे भाई नितेश, बहन नीतू और शिंपी के भी आंसू नहीं थम रहे हैं। परविंदर सिंह यादव के पिता रामप्रकाश यादव, मां रामगुनी, बड़े भाई धर्मेंद्र, बहन पूजा और पूनम यादव का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
तीन मौतों से गांव में सन्नाटा, लोग गमगीन
पुवायां। विशाल, परविंदर, प्रदीप और उमेश आपस में पक्के दोस्त थे और बेहद मिलनसार थे। गांव के लोग विशाल, परविंदर, प्रदीप की मौत से हतप्रभ हैं। उमेश और प्रदीप चचेरे भाई हैं, लेकिन दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। विशाल और परविंदर भी उनके गहरे दोस्त थे। चारों युवक गांव में लोगों से मिलकर रहते थे और उनको किसी से कभी कोई विवाद नहीं होता था। सोमवार को विशाल, परविंदर, प्रदीप की डूबने से मौत की सूचना आई तो तीनों के चीख पुकार से गांव के तमाम लोग घर पहुंचे और परिवार के लोगों का ढाढ़स बधाया।