शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 80 हजार आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) तकनीक से सेटेलाइट इमेजिंग और लोकेशन ट्रैकिंग के माध्यम से पोर्टल पर डाले गए मकानों की तस्वीरों को परखा गया। एक लाख 40 हजार आवेदन हुए थे। इनमें 60 हजार लोगों का फिर से सत्यापन करके डाटा पोर्टल पर अपलोड किया गया।
जिले में करीब छह माह से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सत्यापन किया जा रहा है। 1.40 लाख लोगों ने आवेदन किया था। इसमें सेल्फ सर्वे के आधार पर 80 हजार लोगों ने सर्वे करके पोर्टल पर आवेदन अपलोड किए। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से इनका सर्वे कराया गया।
इसके बाद 1.40 लाख लोगों के आवासों का डाटा संबंधित पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया।
सेल्फ सर्वे में मिली गलत आवेदनों की जानकारी
जनपद में 80 हजार लोगों ने सेल्फ सर्वे करके आवेदनों को संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया था। सर्वे में मकान के फोटो अपलोड करके डालने थे। अधिकतर फोटो में पक्के निर्माण दिखाई दिए। इसके आधार पर एआई ने सत्यापन किया। इसमें 80 हजार लोग अपात्र पाए गए। बाकी बचे 60 हजार आवासों के लिए विभाग की ओर से बीडीओ और सचिव के माध्यम से सर्वे कराया गया। इसके बाद डाटा विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया गया। शासन के निर्देश पर अब आवासों की स्वीकृति दी जाएगी।
आवास के लिए 1.20 लाख रुपये की मिलती है धनराशि
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर पहली किस्त में 40 हजार, दूसरी किस्त में 70 हजार और तीसरी किस्त में 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। कुल एक लाख 20 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है।
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पहली बार एआई तकनीक का इस्तेमाल करके आवासों का सत्यापन कराया गया है। इसमें 1.40 लाख आवेदनकर्ताओं में 80 हजार अपात्र पाए गए। 60 हजार लोगों का डाटा शासन के पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
- अवधेश राम, परियोजना निदेशक, डीआरडीए