शाहजहांपुर। नगर निगम की स्ट्रीट लाइटों की हालत बदतर हो चुकी है। रात में कई स्थानों पर अंधेरा पसरा रहता है। पूर्व में पार्षदों की शिकायत पर जांच भी कराई गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला है। जांच रिपोर्ट तक दबा दी गई। स्ट्रीट लाइटों को लगवाने के लिए पार्षदों से लेकर आमजन तक चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
नगर निगम बनने के बाद लोगों को आस जगी थी कि बेहतर सुविधाएं लोगों को मिलेगी। शुरुआत में प्रमुख सड़कों व मोहल्लों में स्ट्रीट लाइटों को लगाया। इन लाइटों को खराब होने के बाद दोबारा मुड़कर नहीं देखा। दिवाली के त्योहार पर हर तरफ जगमग करने की तैयारी शुरू हो गई, वहीं तमाम स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। अगस्त महीने से अभी तक 25 आम लोगों ने स्ट्रीट लाइटों को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। इसी तरह 25 दिन में दस पार्षदों ने स्ट्रीट लाइटों को लगवाने को नगर निगम कार्यालय में पत्र दिया है। अधिकतर की समस्याओं पर समाधान नहीं होने पर उनमें नाराजगी व्याप्त है।
पार्षदों तक की नहीं हो रही सुनवाई, विस्तारित क्षेत्र में नहीं लग रही लाइटें
- वार्ड नंबर तीन लोदीपुर का क्षेत्र विस्तारित हो गया है। नदी व रेलवे लाइन के किनारे लाइटें तक नहीं लगी हैं। नगर आयुक्त को पत्र दे चुके हैं। बताया है कि बाढ़ आने के चलते नदी के किनारे सांप, कीड़े-मकौड़े निकल रहे हैं। लाइटों को लगवाया जाए। फिर भी एक भी जगह लाइट नहीं लगाई गई है।
रुपेश वर्मा, पार्षद
-
स्ट्रीट लाइटों के लिए दे चुके हैं पत्र
वार्ड नंबर छह अजीजगंज में मात्र दस लाइटें लगी होंगी। इतने बड़े वार्ड में स्ट्रीट लाइटों को लगवाने के लिए मांग कर चुके हैं। ककरा वाले पुल पर स्ट्रीट लाइटों को लेकर पत्राचार किया, जिससे किसी के नदी में गिरने पर रेस्क्यू किया जा सके। वन विभाग वाली नहर की अंडरग्राउंड केबल तक सही नहीं कराई है। डीएम से लेकर नगर आयुक्त तक को पत्र भेज चुके हैं।
मनीष गुप्ता, पार्षद